नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने सांसदों व विधायकों सहित प्रदेश और जिलों के नेताओं को गांव-गांव जाकर जनसंख्या नियंत्रण पर जन-जागरण मुहिम चलाने को कहा है. यह जन-जागरण अभियान मौजूदा समय में चल रही गांधी संकल्प यात्रा के तहत 31 अक्टूबर तक किया जाना है.

भाजपा मुख्यालय से पार्टी नेताओं को जारी यह निर्देश इस मायने में भी खास है कि कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने और तीन तलाक बिल के बाद से अटकलें लग रही हैं कि मोदी सरकार का अगला कदम जनसंख्या नियंत्रण कानून की तरफ हो सकता है.

सूत्रों के अनुसार, 73वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कुछ मुद्दों पर बात की, जो देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. इन बिंदुओं की नींव गांधीजी के सिद्धांतों में पाई जा सकती है. ऐसे मुद्दों पर भाजपा के सदस्य जनता के बीच चर्चा करें.

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इस अभियान को धरातल पर उतारने के लिए कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने पार्टी महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम बनाई है, जिसमें मंत्री नित्यानंद राय व सुरेश अंगाड़ी भी शामिल हैं. भाजपा ने कहा है कि पार्टी के सभी जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी गांव-गांव जाकर लोगों को जनसंख्या नियंत्रण के विभिन्न तरीकों के बारे में बताएं, साथ ही अधिक जनसंख्या के नकारात्मक परिणामों की भी जानकारी दें.

भाजपा ने पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी), प्रदेश पदाधिकारी सदस्य और जिलाध्यक्षों के साथ अन्य नेताओं से कहा है कि वे गांवों में भ्रमण के दौरान जलशक्ति पर भी चर्चा करें. उन्हें कहा गया है कि शुष्क क्षेत्रों में जाकर लोगों से जलसंकट की चुनौती और इसके समाधान पर चर्चा की जाए.

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नेताओं को प्लास्टिक मुक्त भारत मुहिम के तहत आमजन के साथ ही चाय विक्रेताओं और दुकानदारों को पॉलीथिन की जगह कपड़े के बैग प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है. इसके अलावा, भाजपा के सदस्यों को हर हफ्ते पांच लोगों को डिजिटल इंडिया के बारे में ट्रेनिंग देने के निर्देश भी दिए गए हैं.