लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण कानून के ड्राफ्ट को योगी सरकार द्वारा तैयार किया गया है. इस कानून के मुताबिक राज्य में 2 से अधिक बच्चों के माता पिता को स्थानीय चुनाव लड़ने, सरकारी नौकर व लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभ नहीं लेने दिए जाएंगे. इस कानून के सामने आने के बाद से ही देश में इसपर बहस छिड़ चुकी है. लेकिन सोचने वाली बात यह है कि यदि यह कानून राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए भी लागू हो तो क्या होगा? जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में खुद भारतीय जनता पार्टी के आधे से अधिक विधायकों के 2 से अधिक बच्चे हैं. ऐसे में अगर कानून यूपी में लागू किया जाता है तो क्या विधायक राज्य में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिए जाएंगे.Also Read - भारी पुलिस बल को चकमा भाजपा सांसद ने आंबागढ़ किले पर फहराया आदिवासी सफेद झंडा, जानिए मामला

यूपी विधानसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कहा जा रहा है कि भाजपा के 304 में से 152 विधायकों के 2 से ज्यादा बच्चे हैं. बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ विधायकों के 4-5 और 6 बच्चे भी हैं. सिर्फ 103 ऐसे विधायक हैं जिनके 2 बच्चे हैं और मात्र 34 विधायकों के इकलौती संतान है. Also Read - मणिपुर में 6 बार MLA रहे गोविनदास कोंथूजाम ने ज्‍वाइन की BJP, विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका

रविकिशन पर सवाल Also Read - MP के मंत्री सारंग बोले- नेहरू के 1947 के लाल किले के भाषण से शुरू हुई अर्थव्यवस्था की बदहाली

बता दें कि गोरखपुर से भाजपा सांसद व फिल्म अभिनेता रविकिशन ने संसद में जनसंख्या नियंत्रण पर प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है. इसी के साछ अब यह कहा जा रहा है कि रविकिशन के खुद 4 बच्चे है. इनमें 2 बेटे और 2 बेटियां हैं.

जनसंख्या नियंत्रण विधेयक 2019

यूपी में जनसंक्या कानून का ड्राफ्ट तैयार होने से पहले संसद में जनसंख्या नियंत्रण विधेयक साल 2019 में लाया जा चुका है. इस विधेयक में भी 2 बच्चों को ही सरकारी सुविधाओं का आधार बताया गया है. ऐसे में दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी सेवाओं से लोगों को वंचित किया जाएगा. लोकसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के हवाले से खबरों में बताया जा रहा है कि अगर यह कानून लागू होता है तो देश में 186 सांसद इस कानून के दायरे में आ जाएंगे क्योंकि उनकी 2 से अधिक संताने हैं. इन सांसदों में से वर्तमान में 105 भाजपा सांसद इस कानून के घेरे में आ जाएंगे.