चार धाम यात्रा की चाह रखने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। आज से उत्तराखंड के तीन धाम श्री केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे। बदरीनाथ धाम के कपाट 11 मई को खोले जाएंगे। बता दें कि मंदिर समिति ने घोषणा की थी कि अक्षय तृतीया के दिन 9 मई को मंदिर के कपाट खोले जाएंगें। दस हजार फुट से ज्यादा की ऊंचाई पर रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ मंदिर के कपाट पिछले साल 13 नवंबर को श्रृद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए थे। 2013 में उत्तराखंड में आई भीषण आपदा के बाद चार धामों में आने वाले श्रृद्धालुओं की संख्या बहुत कम हो गई थी लेकिन इस बार चारधाम यात्रा में बड़ी तादात में श्रृद्धालुओं के पहुँचने की उम्मीद है।

गंगोत्री धाम (इमेज सोर्स- hemkunt.in)

गंगोत्री धाम (इमेज सोर्स- hemkunt.in)

गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट भी आज ही से खुलेंगे
उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट भी अक्षय तृतीया के पर्व पर नौ मई को खुलेंगे। गंगोत्री पहुँचने के लिए ऋषिकेश से 200 किमी उत्तरकाशी और उत्तरकाशी से सड़क मार्ग से 100 किमी दूर गंगोत्री पहुँचा जा सकता है। यमुनोत्री के लिए देहरादून से बरकोट तक 100 किमी फिर वहाँ से जानकीचट्टी तक 45 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। जानकीचट्टी से 6 किमी का अतिरिक्त पैदल रास्ता है। यह भी पढ़ेंः उत्तराखंड के जंगलों में 90 दिनों से लगी आग पड़ने लगी ठंड़ी, राहत की बारिश

हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध
श्रृद्धालुओं की सुविधा के लिए गुप्तकाशी क्षेत्र के कई स्थानों से हेलीकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध होगी। गुप्तकाशी से हेलीकॉप्टर से 15 मिनट में केदारनाथ पहुँचा जा सकता है। इसके लिए यात्रियों को सात हजार रुपए किराया देना होगा। पैदल यात्रा के लिए घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी सुविधा भी उपलब्ध है।

helicopter

श्रृद्धालु इन बातों का रखें ध्यान
• चार धाम यात्रा में पॉलीथीन पर रोक है इसलिए इसका इस्तेमाल न करें।
• बीड़ी, सिगरेट, शराब, अंडे, मांस पर प्रतिबंध है इसलिए इसे साथ लेकर न चलें।
• ऊंचाई अधिक होने के कारण बीपी बढ़ने लगता है इसलिए ऐसी चीजों के सेवन से बचें जिससे बीपी बढ़ने की संभावना हो।
• केदारनाथ यात्रा के दौरान गर्म कपड़े, खाने पीने की वस्तुएँ और लाठी रखें।