श्रीनगरः भारत सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म करते हुए अनुच्छेद 370 को हटा दिया था. इसके बाद से ही सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य में कई पाबंदी लगाई थी. कश्मीर घाटी में लगातार 69 दिन से लगी पाबंदियों में बड़ी ढील देते हुए जम्मू्-कश्मीर प्रशासन ने सोमवार से सभी पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएं बहाल करने की शनिवार को घोषणा की. सरकारी प्रवक्ता एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रोहित कंसल ने पत्रकारों से कहा कि सभी पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएं 14 अक्टूबर दोपहर 12 बजे से बहाल कर दी जाएंगी.

अधिकारियों ने बताया कि सेवाएं शनिवार को बहाल की जानी थीं लेकिन आखिरी वक्त पर कुछ तकनीकी समस्या आने के कारण इसे टाल दिया गया. उपभोक्ताओं को हालांकि घाटी में इंटरनेट सेवाओं के बहाल होने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा. राज्य प्रशासन मोबाइल फोन सेवाएं बहाल करने के लिए स्थिति का मुआयना कर रहा है. इसके निलंबित रहने से करीब 70 लाख लोग घाटी में प्रभावित हुए हैं और इसकी कड़ी आलोचना भी की जा रही है.

Video: समुद्र किनारे मार्निंग वाक में थैला लेकर पीएम मोदी ने की सफाई, दिया स्वच्छता अभियान का संदेश

पहले केवल बीएसएनएल सेवाओं को बहाल करने की योजना बनाई गई और बाद में निजी टेलीकॉम ऑपरेटरों की सेवाओं पर केवल ‘इनकमिंग कॉल’ शुरू करने का फैसला किया गया. केन्द्र सरकार के पर्यटकों के लिए घाटी के द्वार खोलने का परामर्श जारी करने के कुछ दिन बाद यह कदम उठाया गया है. पर्यटन संघ निकाय ने प्रशासन से सम्पर्क कर कहा था कि बिना मोबाइल सेवाओं के कोई पर्यटक घाटी नहीं आना चाहेगा.

केन्द्र सरकार के पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त करने के बाद से ही घाटी में मोबाइल सेवाएं ठप हैं. आंशिक रूप से 17 अगस्त को लैंडलाइन सेवाएं बहाल की गईं थीं और चार सितम्बर को इसे पूरी तरह बहाल कर दिया गया था. इसके साथ ही करीब 50,000 लैंडलाइन सेवाएं बहाल हो गयी थीं.