नई दिल्ली।  31 जनवरी से शुरु हुए बजट सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यवाही 12 अप्रैल को अनिश्चिकाल के लिए स्थिगित कर दी गई है।   इस सत्र में करीब 176 घंटे तक कार्यवाही चली और कुल 28 बैठकें हुई। बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन को संबोधित करते हुए  कहा कि व्यवधानों के चलते सदन में आंठ घंटे बर्बाद हुए हैं।Also Read - Petrol-Diesel Price Today: तो क्या इतना सस्ता हो जाएगा पेट्रोल-डीजल? फिलहाल जान लें-आज क्या है ताजा रेट

उन्होंने इस सत्र को ‘उपयोगी और फलदायक’ बताते हुए कहा कि इस बजट सत्र के दौरान लोकसभा में 24 विधेयक पेश किए गए और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सहित 23 विधेयक पारित किए। Also Read - GST काउंसिल की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले, जीवन रक्षक दवाओं पर मिली छूट; पेट्रोल-डीजल पर कोई राहत नहीं

जीएसटी से संबंधित चार विधेयकों के अलावा मजदूरी भुगतान संशोधन विधेयक, विनर्दिष्ट बैंक नोट्स विधेयक, मातृत्व लाभ संशोधन विधेयक, शत्रु संपत्ति (संशोधन एवं मान्यीकरण) विधेयक, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल विधेयक और कराधान कानून संशोधन विधेयक भी पारित किए गए हैं। यह भी पढ़ें: योगी सरकार का बड़ा फेरबदल, 20 IAS अफसरों पर गिरी तबादले की गाज़ Also Read - केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्राकृतिक गैस को जीएसटी के दायरे में लाने की कर रही हैं तैयारी

लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने इस सत्र को ऐतिहासिक बताते हुए आशा जताई कि सभी सदस्य देश सेवा के लिए इसी तरह आगे भी काम करते रहेंगे। गौरतलब है कि बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया था। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव सात मार्च को पारित हुआ था। इस पर 10 घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई।

इस सत्र की सबसे खास बात यह रही कि इतिहास में पहली बार आम बजट को रेल बजट के साथ मिलाकर पेश किया गया था। इस मौके पर लोकसभा स्पीकर ने कहा कि बजट पर करीब 26 घंटे तक चर्चा हुई। महाजन ने सदस्यों को केंद्रीय बजट एक अप्रैल से पहले पारित करने के लिए बधाई दी।