हैदराबाद: देश में कोयले का संकट है. कई राज्यों में बिजली संकट छाया हुआ है. कोयले की कमी के चलते बिजली उत्पादन पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रहा है. कई राज्यों में बिजली कटौती हो रही है. इस बीच तेलंगाना अपने राज्य का कोयला दूसरे राज्यों को दिए जाने का विरोध किया है. तेलंगाना ने कहा कि हमसे हमारा कोयला छीनने की कोशिश की जा रही है.Also Read - अब आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु तक सीमित नहीं रहेंगे परमाणु संयंत्र, अन्य राज्यों में भी स्थापित होंगे: केंद्र

राज्य के वित्तमंत्री टी. हरीश राव ने आरोप लगाया कि केंद्र द्वारा तेलंगाना का कोयला छीनने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने दावा किया कि केंद्र राज्य पर कोयले को दूसरे राज्यों में पहुंचाने का दबाव बना रहा है. हरीश राव ने कहा, “तेलंगाना में 15 दिनों के लिए कोयला भंडार है, जबकि नियमों के अनुसार, 22 दिनों के लिए थर्मल पावर स्टेशनों पर कोयले का भंडार होना चाहिए. फिर भी केंद्र हम पर अन्य राज्यों को कोयला देने के लिए दबाव बना रहा है कि उनके पास 2-3 दिनों के लिए आरक्षित है.” Also Read - Swachh Survekshan Awards 2021: सफाई के मामले इंदौर देश में फिर नंबर 1, इन शहरों को भी मिली जगह, देखें List

वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब भाजपा शासित राज्यों सहित कई राज्य बिजली कटौती कर रहे हैं, तेलंगाना सभी क्षेत्रों में चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति कर रहा है. उन्होंने कहा, “हम न केवल अपनी मांग पूरी कर रहे हैं, बल्कि पड़ोसी राज्यों को 60 लाख से 1 करोड़ यूनिट बेच भी रहे हैं.” Also Read - सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस, कहा- 'फ्लैट खरीदने वालों को बिल्डरों के रहमोकरम पर नहीं छोड़ सकते'

वहीं, तेलंगाना राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष बी. विनोद कुमार ने मांग की कि सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) की थडीचेरला खदानों से कोयले को दूसरे राज्यों में नहीं भेजा जाना जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भूपालपल्ली थर्मल पावर प्लांट में बिजली उत्पादन के लिए तडीचेरला के कोयले का सख्ती से इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

उनका बयान देश के सामने कोयला संकट से निपटने के लिए केंद्र द्वारा एससीसीएल से कोयले की खरीद के संकेत के मद्देनजर आया है. विनोद कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार के कुछ शीर्ष अधिकारियों ने एससीसीएल अधिकारियों को थडीचेरला खदानों से दूसरे राज्यों में कोयले की आपूर्ति करने के लिए मौखिक निर्देश दिए हैं.

उन्होंने कहा कि उन राज्यों में कोयले की कमी का हवाला देते हुए भूपालपल्ली थर्मल पावर स्टेशन के लिए थडीचेरला कोयले को दूसरे राज्यों में ले जाना उचित नहीं है. उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि वह सिंगरेनी कोयले को थडीचेरला से दूसरे राज्यों में ले जाने की किसी भी योजना को छोड़ दे.