अगरतला: त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यक्ष प्रद्यूत किशोर मानिक्य देबबर्मण ने राज्य में एनआरसी लागू करने की अपनी अर्जी को लेकर और अन्य कांग्रेस नेताओं से कोई समझौता करने से इनकार करते हुए पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. देबबर्मण ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने उनसे बधारघाट विधानसभा उपचुनाव से पहले अपना इस्तीफा सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध किया था. सोमवार को बधारघाट निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव हुआ. उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने कुछ दिन पहले पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. पार्टी आलाकमान ने मुझसे प्रदेश नेताओं के एक वर्ग के साथ समझौता कर लेने को कहा था लेकिन मैंने उनसे कहा कि यह संभव नहीं है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ तब उन्होंने मुझसे उस अर्जी को वापस ले लेने को कहा जिसे मैंने त्रिपुरा में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करने के लिए दायर किया था, लेकिन मैं उस पर भी राजी नहीं हुआ.’’ देबबर्मण ने कहा, ‘‘ वैसे तो मैंने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है लेकिन अब भी हृदय से पार्टी के साथ हूं.’’ उन्होंने कहा कि वह सुबाल भौमिक को त्रिपुरा कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले से भी नाखुश हैं.

पूर्व कांग्रेस विधायक भौमिक विधानसभा चुनाव से पहले 18 फरवरी को प्रदेश पार्टी उपाध्यक्ष के रूप में भाजपा में शामिल हो गए थे लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले अपनी पूर्व पार्टी में लौट आए. देबबर्मण बीर बिक्रम किशोर मानिक्य के पोते हैं जिन्होंने त्रिपुरा के राजा-रजवाड़े के रूप में शासन किया था. देबबर्मण को इस साल 25 फरवरी को त्रिपुरा कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.