नई दिल्‍ली: करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखने के लिए आयोजित समारोह में पाकिस्‍तान पीएम इमरान खान ने अपने दोस्‍त और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू को अपने देश में चुनाव लड़ने का आमंत्रण दे दिया. उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर भारत लौटने के बाद सिद्धू की आलोचना पर भी उन्‍होंने सवाल उठाए.

इमरान ने कहा कि मुझे नहीं पता कि सिद्धू को भारत में निशाना क्‍यों बनाया गया. वे तो केवल शांति की बात कर रहे थे. मेरा तो मानना है कि सिद्धू पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत से चुनाव लड़ें तो आसानी से जीत जाएंगे.

इमरान ने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि मुझे उम्‍मीद है कि कश्‍मीर समस्‍या के समाधान और भारत-पाकिस्‍तान के बीच टिकाऊ दोस्‍ती के लिए मुझे सिद्धू के भारत का प्रधानमंत्री बनने की प्रतीक्षा नहीं करनी होगी. इमरान ने कश्‍मीर की चर्चा करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच एकमात्र यही विवाद है. यदि इसे सुलझा लिया जाए तो भारत-पाक की दोस्‍ती अलग मुकाम हासिल कर सकती है.

हालांकि, इमरान द्वारा अपने भाषण में कश्‍मीर मुदे की चर्चा करने पर विदेश मंत्रालय ने ऐतराज जताया है. मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्‍तान को सबसे पहले आतंकियों को समर्थन देना बंद करना चाहिए. वहीं, इस समारोह में सिद्धू द्वारा इमरान खान की तारीफ की भी देश में आलोचना हो रही है. भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि भारत-पाक संबंध कोई लाफ्टर शो नहीं है. सिद्धू ने इमरान की जितनी तारीफ की, उसकी कोई जरूरत नहीं थी. उन्‍होंने यह भी कहा कि सिद्धू ने पाकिस्‍तान यात्रा के दौरान कई घरेलू मुद्दों की जो गलत था.