नई दिल्लीः देश में कोरोना वायरस से जंग चल रही है. पूरे विश्व में डॉक्टर्स अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा में लगे हुए हैं लेकिन कई जगहों से डॉक्टरों पर लगातार हमले और उनके साथ दुर्व्यवहार की खबरे सामने आ रही हैं. डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर आज केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने कहा है कि डॉक्टरों पर हमला करना या उन पर पत्थरबाजी करना गैर जमानती अपराध होगा. Also Read - दिल्ली में कोरोना का नया रिकॉर्ड, 1 दिन में 1163 नए मामले सामने आए

उन्होंने कहा कि सरकार लगातार डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है इसलिए सरकार ने कैबिनेट बैठक में  इस संबध में एक अध्यादेश पारित किया. इस अध्यादेश के पारित होने के बाद अब अगर डॉक्टर्स या फिर दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों पर किसी प्रकार का हमला होता है तो वह एक गैर जमानती अपराध माना जाएगा.

उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी मामले की जांच 30 दिनों के अंदर पूरी की जाएगी और एक साल के अंदर फैसला आएगा. उन्होंने कहा कि मामूली मामलों  में तीन महीने से लेकर सात साल तक की सजा का प्रावधान है जबकि वहीं संघीन और गंभीह मामलों में छह महीने से लेकर सात साल तक की सजा हो सकती है. उन्होेंने कहा कि अगर किसी मेडिकल कर्मी के वाहनों को नुकसान पहुंचाया जाता है तो उसके बाजार की वैल्यू से दोगुना भरपाई की जाएगी.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार किसी भी मेडकलकर्मी पर किसी भी तरह के अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने बताया कि अगर कीसी कर्मी की संपत्ति को किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचाया जाता है तो इसके लिए अध्यादेश में पचास हजार रुपये से लेकर पांच लाख तक के जुर्माने का प्रवाधान रखा गया है.

इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कोरोना वायरस के खिलाफ भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जब भारत में कोरोना आया था तब हमारे पास इस बिमारी के हिसाब के एक भी बेड नहीं थे लेकिन आज भारत सरकार ने दो लाख से ज्यादा बेड्स की व्यवस्था कर दी है. उन्होंने कहा कि जब देश में एक भी कोरोना का मरीज नहीं था तब प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने यह बात कही थी कि आगे काफी बड़ी समस्या आने वाली है और हमें एहसास हो गया था, तभी से भारत सरकार ने इसके खिलाफ तैयारी शुरू कर दी थी.