पणजी. गोवा में राज्य के मुख्यमंत्री पद को लेकर सोमवार को दिनभर चली राजनीति देर रात समाप्त होती दिखी. देर रात गोवा विधानसभा के अध्यक्ष और भाजपा नेता प्रमोद सावंत के राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने की घोषणा की गई. सावंत को सीएम पद पर आसीन कराने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी देर रात राजभवन पहुंचे और गवर्नर मृदुला सिन्हा को भाजपा और उसे समर्थन देने वाली पार्टियों के समर्थन पत्र सौंपे. इसके बाद ही सावंत के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा की गई. सोमवार की देर रात लगभग 1 बजे प्रमोद सावंत ने गोवा के नए मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली.

इसके अलावा राज्य में दो डिप्टी सीएम के पद पर भी शपथ लिए जाने की संभावना है. मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि जीएफ़पी के विजय सरदेसाई और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के सुदिन धवलेकर भी प्रमोद सावंत के साथ डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेंगे. गतिरोध खत्म करने के लिए दो डिप्टी सीएम बनाए गए हैं. 24 अप्रैल, 1973 को जन्मे प्रमोद सावंत के साथ ही बीजेपी नेता विश्वजीत राणे का भी नाम सीएम पद की रेस में था. सोमवार को दिनभर राज्य में सरकार बनाने को लेकर रस्साकशी चलती रही.

वहीं, प्रमोद सावंत इस तटवर्तीय राज्य के 11वें मुख्यमंत्री होंगे. वह अपने मार्गदर्शक मनोहर पर्रिकर का स्थान लेंगे, जिनका पैंक्रियाटिक कैंसर की वजह से रविवार को निधन हो गया था. पर्रिकर की अंत्येष्टि सोमवार की शाम पूरे राजकीय सम्मान के साथ की गई. इधर, गोवा की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है. गोवा कांग्रेस के नेता सुनील कावंथकर ने राज्यपाल मृदुला सिन्हा पर अलोकतांत्रिक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जान-बूझकर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए नहीं बुलाया. उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने भाजपा को विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की छूट देकर उसे सरकार बनाने का न्योता दिया है.

पणजी में मनोहर पर्रिकर का अंतिम संस्कार किया गया, विदाई देते हुए रो पड़ीं स्मृति ईरानी

एक भाजपा नेता ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा, “भाजपा ने बीती रात ही सावंत के नाम पर मुहर लगा दी थी, लेकिन हम आज शाम को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में गठबंधन के अपने साथियों को मनाने की कोशिश कर रहे थे. वह आज (सोमवार को) मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.” वहीं, इससे पहले महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी) के विधायक सुदीन धवलेकर ने मुख्यमंत्री बनने के लिए अपना दावा ठोक दिया था. बीजेपी नेताओं ने इस गतिरोध को ख़त्म किया.

मनोहर पर्रिकर: 25 साल का करियर, 4 बार CM, 1 बार बने रक्षामंत्री, ऐसा रहा राजनीति के ‘कॉमन मैन’ का सफर

मनोहर पर्रिकर गोवा में एक गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे थे जिसमें भाजपा, गोवा फॉरवर्ड पार्टी, एमजीपी और निर्दलीय शामिल हैं. पणजी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले पर्रिकर के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराने की जरूरत होगी. यह गोवा में चौथा उपचुनाव होगा. यहां 23 अप्रैल को शिरोडा, मांडरेम और मापुसा विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं. इन सीटों के लिए उपचुनाव राज्य में होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ होंगे.

मनोहर पर्रिकर के निधन से गोवा में मुश्किल में बीजेपी, ऐसे हैं राजनीतिक समीकरण

राज्य में बीजेपी के पास 13 विधायक हैं. जबकि 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं. कांग्रेस एक दिन पहले 16 मार्च को ही सरकार बनाने का दावा पेश कर चुकी है. कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को बर्खास्त करने की मांग की थी. वहीं, बीजेपी ने अल्पमत की बातों को खारिज किया था. गोवा के बीजेपी नेताओं ने कहा था कि मनोहर पर्रिकर के रहते वह ही सीएम रहेंगे. पर्रिकर के बाद भी सीएम बीजेपी से ही होगा.