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नई दिल्ली, 23 मार्च | राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को सभी देशवासियों का आह्वान किया कि वे तपेदिक (टीबी) के अभिशाप को समाप्त करने के लिए एकजुट हों। प्रतिवर्ष 24 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व तपेदिक दिवस पर राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, “विश्व तपेदिक दिवस पर देश से तपेदिक (टीबी) के अभिशाप को समाप्त करने के लिए मैं सभी भारतीयों से एकजुट होकर कार्य करने का आग्रह करता हूं।” यह भी पढ़ें–राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी: उच्च शैक्षणिक संस्थान गोद लें 5 गांव Also Read - Year End 2020: देश के कई बड़े नेता नहीं रहे, साल 2020 में छोड़ गए अपनी यादें

उन्होंने कहा, “टीबी प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है जिससे हमारे देश में मुख्य रूप से युवा और कामकाजी लोग प्रभावित हैं। यह दुर्भाग्य है कि देश में आज भी इस बीमारी के कारण प्रति दो मिनट में एक व्यक्ति की मौत होती है। इस बीमारी के इलाज और बचाव के बारे में जागरूकता फैलाने की अत्यंत आवश्यकता है। इस बीमारी के लिए अनुसंधान और इलाज को भी प्रोन्नत किया जाना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा, “मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि संशोधित राष्ट्रीय तपेदिक नियंत्रण कार्यक्रम से 8.6 करोड़ लोगों का परीक्षण, 1.9 करोड़ मरीजों का इलाज और 34 लाख लोगों का जीवन बचाया जा सका है। इस कार्यक्रम की शुरुआत 1993 में की गई थी।”  उन्होंने कहा, “विश्व तपेदिक दिवस पर मैं सभी हितधारकों से आग्रह करता हूं कि वे हमारे देश में टीबी से कोई भी मृत्यु न हो इस लक्ष्य को कम से कम समय में हासिल करने के प्रयासों के प्रति समर्पित रहें।”