नई दिल्ली। स्वराज इंडिया के संस्थापक सदस्य और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भगवान कृष्ण पर किए अपनी ट्वीट को लेकर माफी मांग ली है। भूषण की टिप्पणी के बाद से ही हिंदू संगठन उनके खिलाफ प्रदर्शन कर माफी की मांग कर रहे थे। प्रशांत भूषण ने रविवार को एक ट्वीट कर यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला किया था। उन्होंने यह हमला योगी आदित्यनाथ सरकार में फिर सक्रिय हुए एंटी रोमियो स्क्वॉड पर किया था और इसी के जरिए उन्होंने यूपी की योगी सरकार को घेरा था। अपने ट्वीट के जरिए प्रशांत भूषण ने कहा है कि रोमियो ने केवल एक महिला को प्यार किया था जबकि कृष्ण प्रसिद्ध छेड़खानी करते थे। क्या आदित्यनाथ के अंदर हिम्मत है कि वह अपने निगरानी दल के सदस्यों को एंटी-कृष्ण स्क्वॉड बोलेंगे? Also Read - नसीरुद्दीन शाह, जावेद अख्तर, प्रशांत भूषण समेत 130 हस्तियों ने फ्रांस हमलों की निंदा की, जारी किया संयुक्त बयान

भूषण की इसी टिप्पणी पर हिंदू संगठन गुस्से में थे। संगठनों ने नोएडा में उनके घर के बाहर लगे नेमप्लेट पर स्याही पोत दी थी और 48 घंटे में सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी। इसके लिए उनके घर के बाहर नोटिस भी चिपका दिया था। वहीं, एक दूसरे संगठन ने प्रदर्शन करने के बाद प्रशांत भूषण के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी।

दिल्ली बीजेपी प्रवक्ता तेजिंदर बग्गा ने प्रशांत भूषण के इस ट्वीट के बाद दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में प्रशांत भूषण के खिलाफ हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का मामला दर्ज करवाया था। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने प्रशांत भूषण के ट्वीट पर कहा था कि आतंकवादियों, माओवादियों तथा बलात्कारियों को बचाने वाले अब बिलबिलाने लगे हैं। भगवान श्री कृष्ण दूषित बुद्धि की शुद्धि कर प्रशांत को शांत करें। इसी के साथ उन्होंने स्वराज इंडिया पर भी हमला साधा और पूछा था कि क्या स्वराज इंडिया कृष्ण का अपमान कर दिल्ली में चुनाव जीतना चाहता है?