कोलकाता: लोकसभा चुनाव 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत के बाद सुर्खियों में आए राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर अब पश्‍च‍िम बंगाल में ममता बनर्जी के साथ काम कर सकते हैं. प्रशांत किशोर ने गुरुवार को यहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की, जिससे ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे निकट भविष्य में उनके साथ काम कर सकते हैं. चर्चा है कि बीजेपी, जदयू और वाईएसआर कांग्रेस के लिए रणनीति बना चुके प्रशांत किशोर एक महीने बाद आधिकारिक तौर पर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के लिए काम करना शुरू कर देंगे.

 

सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ तृणमूल सांसद और बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ किशोर ने दो घंटे तक चर्चा की. उन्होंने कहा कि यदि बनर्जी की इच्छा हो, तो किशोर उनके साथ काम करने के लिए तैयार हैं. बनर्जी और किशोर के बीच बैठक ऐसे समय में हुई है जब राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से तृणमूल सुप्रीमो को कड़ी चुनौती मिल रही है. हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में, भाजपा ने पश्चिम बंगाल में कुल 42 लोकसभा सीटों में से 18 पर जीत दर्ज की थी, जो राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस से सिर्फ चार कम है.

2021 में है पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव
शानदार प्रदर्शन से उत्साहित, भगवा पार्टी के नेता दावा कर रहे हैं कि उनका अगला लक्ष्य 2021 के राज्य विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से उखाड़ फेंकना है. गुरुवार की बैठक से संकेत मिलता है कि बनर्जी बंगाल में भाजपा के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए चुनावी रणनीतिकार की सेवा ले सकती हैं.

वाईएसआर कांग्रेस को दिलाई बड़ी जीत
बता दें कि प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति के चलते ही आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू को कुर्सी गंवानी पड़ी है. प्रशांत किशोर के काम के चलते ही जगनमोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश की सभी 25 सीटें जीतीं. इसके अलावा विधानसभा में 175 में से 150 सीटों पर जीत दर्ज की.