कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का सुझाव है कि यूपी चुनाव में प्रियंका गांधी को कांग्रेसी नाँव की खेवनहार बनना चाहिए। प्रशांत के इस सुझाव का प्रदेश तमाम नेताओं का समर्थन भी मिल रहा हैं। उन्हें लगता है कि प्रियंका गांधी के यूपी में इंचार्ज बनने से कांग्रेस की स्थिति सुधर सकती है। प्रियंका गांधी में कही न कही इंदिरा गांधी की एक छवि दिखाई देती है। प्रशांत किशोर मंगलवार को लखनऊ में पूरे यूपी के कांग्रेस नेताओं के साथ मैराथन बैठक कर रहे थे। ऐसी मैराथन बैठक लगातार चार दिनों तक चलेगी। जिसमें प्रशांत के पास 200 सवालों की सूची है जिसे हजारों नेताओं ने भरा है। उस सर्वे का विश्लेषण करने पर यूपी की बागडोर के लिए सबसे ज्यादा सहमति प्रियंका गांधी के नाम पर ही बनी है। यह भी पढ़ेंःUP विधानसभा चुनाव 2017, प्रशांत किशोर का प्लान राहुल बने सीएम

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प्रयंका गांधी को राजनीति में लाने की माँग पहले से उठती रही है

पहले भी उठती रही है माँग
यूपी में प्रियंका गांधी के नाम को प्रशांत ने पहली बार आगे नहीं किया है। प्रियंका गांधी को कांग्रेस की कमान सँभालने की माँग पहले भी उठती रही है। प्रदेश के तमाम बड़े नेताओं का मानना है कि प्रियंका में इंदिरा जी का अक्श दिखाई देता है। उनका चलने का अंदाज, हाजिरजवाबी और आम लोगों से उनका जुड़ाव इंदिरा गांधी से मिलता जुलता है। नेताओं का मानना है कि अगर प्रियंका राजनीति में आती हैं तो यह कांग्रेस के लिए संजीवनी की तरह होगा। प्रियंका को राजनीति में लाने के लिए इलाहाबाद जिला कांग्रेस कमेटी के श्रीसचंद दुबे और हसीब अहमद काफी चर्चित रहे हैं। उन्होंने ऐसी कई होर्डिंग लगाई जो प्रियंका को कांग्रेस की कमान सँभालने की माँग करते हैं। हाल ही में इलाहाबाद पहुँची सोनिया गांधी से कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रियंका को इलाहाबाद से चुनाव लड़ाने की बात भी की थी।

साभार- इंडियन एक्सप्रेस

साभार- इंडियन एक्सप्रेस

यूपी के लिए राहुल गांधी के नाम का भी दिया था सुझाव
कुछ दिन पहले की बात है। लखनऊ में कांग्रेस दलित कमेटी की बैठक चल रही थी जिसमें प्रदेश भर से दलित कांग्रेसी नेता आए हुए थे। मंच पर तमाम बड़े नेताओं के साथ प्रशांत किशोर भी बैठे हुए थे। दलित कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में दलित सीएम कैंडिडेट खड़ा करने की माँग करने लगे। तभी प्रशांत किशोर ने माइक सँभाला और बोले, अगर राहुल को सीएम कैंडिडेट बनाया जाए तब तो ठीक है न। पूरे हाल में तालियाँ गूँजने लगी। प्रशांत किशोर ने सोनिया गांधी के समक्ष ये प्रस्ताव रखा था लेकिन उस पर आगे कुछ नहीं किया जा सका। प्रियंका गांधी के नाम के सुझाव पर भी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से बहुत सकारात्मक संकेत नहीं मिल रहे हैं। यह भी पढेंः प्रियंका गांधी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को कानूनी नोटिस भेजा