तोगड़िया ने किया पुलिस से जान का खतरा होने का दावा, कांग्रेस नेताओं ने की जांच की मांग

तोगड़िया सोमवार को शाहीबाग इलाके में सड़क किनारे बेहोश मिले थे

Published date india.com Published: January 16, 2018 11:57 PM IST
email india.com By Aman Gupta email india.com | Edited by Aman Gupta email india.com
praveen Togadia claims of life threat from Rajasthan and Gujarat Police | तोगड़िया ने किया पुलिस से जान का खतरा होने का दावा, कांग्रेस नेताओं ने की जांच की मांग
फाइल फोटो

अहमदाबाद: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता प्रवीण तोगड़िया ने मंगलवार को यह आरोप लगाकर तूफान खड़ा कर दिया कि भाजपा के शासन वाले गुजरात और राजस्थान की पुलिस द्वारा उन्हें एनकाउंटर में मारने की साजिश रची गयी. इस मामले में कांग्रेस ने जांच की मांग की है. गौरतलब है कि विहिप नेता कल सुबह से लापता हो गए थे और बाद में बेहोशी की हालत में मिले थे. उनका यहां एक अस्पताल में इलाज चल रहा है.

उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में भावुक होते हुए कहा कि कुछ लोग उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें राम मंदिर, किसानों तथा गोवध के मुद्दों पर बोलने नहीं दिया जा रहा है हालांकि अहमदाबाद पुलिस ने तोगड़िया के फर्जी मुठभेड़ में मारे जाने की साजिश होने के दावे को खारिज कर दिया और कहा कि जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त किसी व्यक्ति को मारना लगभग नामुमकिन है.

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पुलिस ने तोगड़िया के इन दावों को भी खारिज कर दिया कि वह बेहोश हो गये थे. पुलिस ने कहा कि पूरा घटनाक्रम रचा गया. विहिप के एक बयान में कल दावा किया गया था कि रक्त शर्करा कम होने की समस्या से ग्रस्त तोगड़िया कल शाहीबाग में एक पार्क में बेहोश मिले थे और उन्हें चंद्रमणि अस्पताल ले जाया गया.

62 साल के तोगड़िया ने दावा किया, ‘‘कल सुबह मैं पूजा कर रहा था जब मुझे ये संदेश मिलने लगे कि गुजरात पुलिस के साथ राजस्थान पुलिस का एक बड़ा दल मेरा एनकाउंटर करने आ रहा है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अपने सुरक्षा गार्डों को सूचित करने के बाद मैंने विहिप के एक कार्यकर्ता के साथ ऑटो-रिक्शा लिया और शहर के थलतेज इलाके में गया. मैंने राजस्थान की मुख्यमंत्री (वसुंधरा राजे) और गृह मंत्री (गुलाबचंद कटारिया) को फोन किया लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार कर दिया कि उनकी पुलिस मुझे गिरफ्तार करने गुजरात आई है. इससे और अधिक संदेह पैदा हो गया और मैंने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया.’’‘

जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त विहिप नेता ने कहा कि फिर उन्होंने राजस्थान में अपने वकीलों से संपर्क किया और अपने खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को रद्द कराने को कहा. लेकिन उन्हें बताया गया कि यह मुश्किल है क्योंकि अदालत ने वारंट जारी किया है. इसके बाद उन्होंने विमान से जयपुर जाने और गंगापुर में एक अदालत के समक्ष पेश होने का फैसला किया.

उन्होंने दावा किया कि जब वह ऑटो-रिक्शा से हवाईअड्डे के लिए जा रहे थे तो उन्हें चक्कर आ गए और उन्होंने ड्राइवर से किसी अस्पताल ले चलने के लिए कहा. तोगड़िया ने दावा किया कि फिर वह बेहोश हो गये और जब होश में आये तो खुद को अस्पताल में पाया.

राजस्थान पुलिस का एक दल दस साल पुराने एक मामले में तोगड़िया को गिरफ्तार करने सोमवार को यहां आया था लेकिन वह पुलिस को अपने घर पर नहीं मिले.

उन्होंने आज कहा, ‘‘मुझे मौत का डर नहीं है. मुझे एनकाउंटर का डर नहीं है लेकिन मुझे कानून का पालन करते हुए अपनी रक्षा करनी है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं हिंदुओं के लिए अपनी आवाज उठाता रहा हूं. मैं राम मंदिर, गोवध पर प्रतिबंध लगाने के लिए राष्ट्रीय कानून, कश्मीरी हिंदुओं के पुनर्वास, किसानों को उनकी फसल के लिए उचित मूल्य दिए जाने जैसे मुद्दे उठा रहा हूं लेकिन मेरी आवाज को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं.’’ उधर अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त जे के भट्ट ने संवाददाताओं से कहा कि जांच में पता चला है कि तोगड़िया अपने दावे के विपरीत हवाईअड्डे जाने के रास्ते में होश में थे. वह अपने सहयोगी घनश्याम चरणदास की कार में हवाईअड्डे के पास एक जगह पहुंचे और उस सहयोगी ने फिर 108 एंबुलेंस बुलाई.

भट्ट ने कहा, ‘‘जेड प्लस सुरक्षा सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा घेरा है जिसमें आपको पायलट वाहन, एक बुलेटप्रूफ वाहन और एके-47 राफइल लिये हुए इंसपेक्टर स्तर के सशस्त्र जवान मिलते हैं. इसलिए मुठभेड़ में मार देना लगभग नामुमकिन है. यह केवल कल्पना मात्र है.’’ एक सवाल पर तोगड़िया ने कहा कि वह उचित समय आने पर उन लोगों के नामों का खुलासा करेंगे जो उनकी आवाज को दबाने की साजिश के पीछे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘जिन लोगों के आदेश पर पुलिस ऐसी कार्रवाई कर रही है, उनके नाम उचित समय आने पर सबूतों के साथ बताए जाएंगे.’’ उधर गुजरात में कांग्रेस के सहयोगी हार्दिक पटेल अस्पताल में तोगड़िया का हालचाल जानने पहुंचे.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुन मोधवाडिया ने कहा, ‘‘राजस्थान और गुजरात में सरकारें पहले भी फर्जी मुठभेड़ों में शामिल रही हैं. तोगड़िया की आशंका बिना वजह नहीं है.’’ मोधवाडिया ने कहा, ‘‘भाजपा में आंतरिक द्वंद्व चल रहा है जहां विरोधियों को समाप्त करने की कोशिशें की जा रही हैं.’’ उन्होंने तोगड़िया के आरोपों में स्वतंत्र और अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की.

गुजरात में 2002 में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही तोगड़िया गुजरात की हिंदुत्व की राजनीति में हाशिये पर चले गये थे.

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भी अलग से तोगड़िया से मुलाकात की. उन्होंने कहा, ‘‘आम आदमी के अधिकार छीने जा रहे हैं. हमारी और उनकी विचारधारा अलग हो सकती है लेकिन हमारा मन एक है. हम सब जानते हैं कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह किस तरह के षड्यंत्र रच रहे हैं. मैं हिंदुओं के बारे में तो नहीं जानता लेकिन एक हिंदू संगठन का नेता निश्चित रूप से अब खतरे में है.’’ आरएसएस के नेता एम जी वैद्य ने तोगड़िया के आरोपों पर कहा कि वही खुद बता सकते हैं कि उन्हें मारने की साजिश के पीछे कौन है.

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