प्रयागराज: यहां चल रहे माघ मेले के सबसे प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर शुक्रवार शाम तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई. मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 20 स्नान घाट बनाए हैं. इस दौरान शासन की पहल पर हेलीकाप्टर से श्रद्धालुओं और संत महात्माओं पर पुष्प वर्षा भी की गई.

 

मेला अधिकारी रजनीश मिश्रा ने बताया कि मौनी अमावस्या पर सुबह 4 बजे से ही स्नान प्रारंभ हो गया और कड़ाके की ठंड के बावजूद कल रात्रि से ही भारी संख्या में लोगों का मेला क्षेत्र में आना जारी है. शुक्रवार शाम तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया. उन्होंने बताया कि भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए मेला प्रशासन और जिला प्रशासन ने यातायात सुगम बनाए रखा. संगम तट के दोनों तरफ आठ किलोमीटर में बनाए गए 20 घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया. मेला क्षेत्र से लेकर प्रयागराज नगर की विभिन्न सड़कों पर लोग कंधे पर गठरी, हाथों में बच्चों व एक दूसरे का हाथ थामे लोग गंगा मईया का जयकारा लगाते हुए संगम तट की ओर पैदल ही पहुंचते रहे.


हेलीकाप्टर से श्रद्धालुओं और संत महात्माओं पर पुष्प वर्षा
उन्होंने बताया कि दोपहर में धूप खिलने से मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी. सुरक्षा के लिहाज से टावर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने मेला क्षेत्र पर पैनी नजर रखी. प्रशासन की पहल पर हेलीकाप्टर से श्रद्धालुओं और संत महात्माओं पर पुष्प वर्षा भी की गई. स्नान के दौरान मेला क्षेत्र पर हेलीकाप्टर से निगरानी की गई. स्नान के साथ ही लोगों ने मेला क्षेत्र में चल रहे अन्न क्षेत्र में प्रसाद ग्रहण किया.