President Address To The Nation Draupadi Murmu Gave This Message To Indians On The Eve Of Independence Day
Independence Day: देश के नाम राष्ट्रपति का संबोधन, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या द्रौपदी मुर्मू ने भारतीयों को दिया ये संदेश
Independence Day 2025: राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे द्वारा अपनाए गए संविधान की आधारशिला पर, हमारे लोकतंत्र का भवन निर्मित हुआ है. हमने लोकतंत्र पर आधारित ऐसी संस्थाओं का निर्माण किया, जिनसे लोकतांत्रिक कार्यशैली को मजबूती मिली.
Independence Day 2025: भारत अब से कुछ घंटे बाद अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है. अंग्रेजों से देश को आजाद कराने के लिए कई दशकों तक चली लड़ाई में हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान की कुर्बानी दी. 15 अगस्त, 1947 वही दिन था, जब भारत के ब्रिटिश शासन से आजादी मिली. तब से ही भारत इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मना रहा है और आजादी के लिए अपनी जान की कुर्बानी देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करता है. स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कई बातों का जिक्र किया.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भारतीयों को संदेश
आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संदेश देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आप सभी को मैं हार्दिक बधाई देती हूं. हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि स्वाधीनता दिवस और गणतंत्र दिवस, सभी भारतीय उत्साह और उमंग के साथ मनाते हैं. ये दिवस हमें भारतीय होने के गौरव का विशेष स्मरण कराते हैं. हमारे लिए, हमारा संविधान और हमारा लोकतंत्र सर्वोपरि है. उन्होंने कहा कि 15 अगस्त की तारीख, हमारी सामूहिक स्मृति में गहराई से अंकित है. औपनिवेशिक शासन की लंबी अवधि के दौरान देशवासियों की अनेक पीढ़ियों ने यह सपना देखा था कि एक दिन देश स्वाधीन होगा.
#WATCH | President Droupadi Murmu says, “This year we had to face the scourge of terrorism. Killing innocent citizens on holiday in Kashmir was cowardly and utterly inhuman. India responded in a decisive manner and with steely resolve. #OperationSindoor showed that our armed… pic.twitter.com/TJu6p3ha4H
राष्ट्रपति ने आगे कहा कि देश के हर हिस्से में रहने वाले लोग विदेशी शासन की बेड़ियों को तोड़ फेंकने के लिए व्याकुल थे, लेकिन बलवती आशा का भाव था. आशा का वही भाव, स्वतंत्रता के बाद हमारी प्रगति को ऊर्जा देता रहा है. कल, जब हम अपने तिरंगे को सलामी दे रहे होंगे, तब हम उन सभी स्वाधीनता सेनानियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, जिनके बलिदान के बल पर 78 साल पहले, 15 अगस्त के दिन, भारत ने स्वाधीनता हासिल की थी. भारत-भूमि, विश्व के प्राचीनतम गणराज्यों की धरती रही है. इसे लोकतंत्र की जननी कहना सर्वथा उचित है.
‘हमारा संविधान और हमारा लोकतंत्र सर्वोपरि’
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे द्वारा अपनाए गए संविधान की आधारशिला पर, हमारे लोकतंत्र का भवन निर्मित हुआ है. हमने लोकतंत्र पर आधारित ऐसी संस्थाओं का निर्माण किया, जिनसे लोकतांत्रिक कार्यशैली को मजबूती मिली. हमारे लिए, हमारा संविधान और हमारा लोकतंत्र सर्वोपरि है. आज हमने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया. विभाजन के कारण भयावह हिंसा देखी गई और लाखों लोग विस्थापित होने के लिए मजबूर किए गए. आज हम इतिहास की गलतियों के शिकार हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.