नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर आज दिन भर गहमागहमी रही. एनडीए और यूपीए दोनों की तरफ से इसे लेकर लुकाछिपी का खेल जारी रहा. दोनों पक्षों ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नाम नहीं बताए. दोनों तरफ से एक दूसरे से नाम पूछे गए, लेकिन गोलमोल जवाब ही मिले. किसी ने भी नामों का खुलासा नहीं किया.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा गठित कमेटी आज दिन भर बेहद सक्रिय रही. इस कमेटी में राजनाथ सिंह, वेंकैया नायडू और अरुण जेटली हैं. आज राजनाथ और वेंकैया ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. इस दौरान गुलाम नबी आजाद और मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे. मुलाकात के बाद आजाद ने बताया कि उन्हें दोनों नेताओं की तरफ से उम्मीदवार के नाम नहीं बताए गए, उल्टा उन्होंने यूपीए उम्मीदवार का नाम पूछा.

इस दौरान दोनों ने अपने पत्ते नहीं खोले. दोनों ओर से अपने –अपने उम्मीदवार के नाम पूछे गए. लेकिन जवाब नहीं मिला. इसके बाद राजनाथ-वेंकैया सीपीएम नेता सीताराम येचुरी से मिलने उनके आवास पहुंचे. यहां भी येचुरी ने दोनों नेताओं से एनडीए उम्मीदवार का नाम पूछा, पर जवाब नहीं मिला. दोनों नेताओं के सीपीआई नेता डी राजा से भी मुलाकात का कार्यक्रम है. येचुरा ने कहा कि हम चाहते हैं को जो भी उम्मीदवार हो वह धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का सम्मान करने वाला हो.

शाम आते-आते राजनाथ और वेंकैया बीजेपी के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी से मिलने पहुंचे. इसके बाद दोनों ने मुरली मनोहर जोशी के घर की तरफ रुख किया. दोनों से मुलाकात के दौरान किन-किन बातों पर चर्चा हुई, इसका ब्यौरा नहीं दिया गया. हां, कयासों को बल जरूर मिला. आडवाणी और जोशी का नाम पहले भी राष्ट्रपति पद के दावेदारों में उठता रहा है. हालांकि बाबरी केस में पेशी को लेकर दोनों की संभावनाओं को करारा झटका लगा है.

वहीं, वेंकैया नायडू ने इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह और बहुजन समाज पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा से मुलाकात की.