जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर गतिविधिया तेज हो गई है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही देश का अगला राष्ट्रपति अपनी पसंद का बनाना चाहते है और इसके लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है. इसके के चलते शुक्रवार यानि 26 मई को विपक्ष के कई आला नेता संसद भवन में एक महत्वपूर्ण मीटिंग भी करेंगे. मगर कांग्रेस को लग रहा है कि उसके विधायक राष्ट्रपति चुनावों में सत्ता पक्ष के उम्मीदवार को वोट कर सकते है.

एक अंग्रेजी अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र और कर्नाटक के विधायकों को लेकर कांग्रेस आलाकमान के मन में डर है. उन्हें लगता है कि इन दो राज्यों के विधायक एनडीए के उम्मीदवार के पक्ष में वोट डाल सकते है. कांग्रेस को लगता है कि उनके कई विधायक बीजेपी के संपर्क में है और क्रॉस वोटिंग कर सकते है. हालांकि, महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद अशोक चव्हाण ने इस बात को खारिज करते हुए कहा है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस के सभी विधायक अपनी पार्टी के उम्मीदवार को ही वोट करेंगे.

आपको बता दें कि राष्ट्रपति चुनावों के लिए कांग्रेस सभी विपक्षी एवं समान विचार वाले दलों से एकजुट करने की कोशिश में जुटी है. कांग्रेस अध्यक्ष खुद सक्रिय हो गई है और कई नेताओं से संपर्क कर रही है. कांग्रेस किसी भी तरह राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी को पराजित करना चाहती है.

एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह और पीएम मोदी, फोटो- gettyimages

एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह और पीएम मोदी, फोटो- gettyimages

इस बीच बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने साफ़ किया है कि उनकी पार्टी ने आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार के नाम पर अभी कोई निर्णय नहीं किया है, साथ ही पार्टी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को सत्तारूढ़ गठबंधन का प्रत्याशी बनाने के शिवसेना के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, ‘‘ अगर मेरे मन में कोई नाम होगा भी तब भी इसके बारे में पहले पार्टी के भीतर चर्चा होगी.’’