नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 71वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को देश को संबोधित कर रहे हैं. इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि हम देश के हर हिस्से के सम्पूर्ण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं. चाहे वह जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हो, पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्य हों या हिंद महासागर में स्थित हमारे द्वीप-समूह हों. साथ ही उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए एक सुदृढ़ आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का होना भी जरूरी है. इसीलिए सरकार ने आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने हेतु अनेक ठोस कदम उठाए हैं.

 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि सरकार ने अपने महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों के द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र पर विशेष बल दिया है. शिक्षा के क्षेत्र में हमारी कई उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं. हमारा प्रयास है कि देश का कोई भी बच्चा अथवा युवा, शिक्षा की सुविधा से वंचित न रहे. राष्ट्रपति ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने में सेनाओं, अर्धसैनिक बलों और आंतरिक सुरक्षा बलों ने अद्वितीय साहस, बलिदान, और अनुशासन की अमर गाथाएँ प्रस्तुत की है जिसकी वे मुक्त-कंठ से प्रशंसा करते हैं. इस शताब्दी में जन्मे युवा, बढ़-चढ़ कर, राष्ट्रीय विचार-प्रवाह में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं और मुझे इन युवाओं में एक उभरते हुए नए भारत की झलक दिखाई देती है.

युवाओं को गांधीजी के अहिंसा के मंत्र को सदैव याद रखना चाहिए
राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि किसी भी उद्देश्य के लिए संघर्ष करने वाले लोगों, विशेष रूप से युवाओं को, गांधीजी के अहिंसा के मंत्र को सदैव याद रखना चाहिए, जो मानवता को उनका अमूल्य उपहार है. राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता एवं प्रतिपक्ष दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, ऐसे में राजनैतिक विचारों की अभिव्यक्ति के साथ-साथ, देश के समग्र विकास और सभी देशवासियों के कल्याण के लिए दोनों को मिलजुलकर आगे बढ़ना चाहिए. विकास पथ पर आगे बढ़ते हुए हमारा देश और हम सभी देशवासी, विश्व-समुदाय के साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि हमारा और पूरी मानवता का भविष्य सुरक्षित रहे और समृद्धिशाली बने.

सभी चैनलों पर हुआ प्रसारण
बता दें कि राष्ट्रपति का संबोधन हिंदी में ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) के पूरे राष्ट्रीय नेटवर्क और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर प्रसारित किया कया. इसके बाद अंग्रेजी में इसका प्रसारण किया गया. इसके अलावा इसे दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों पर क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारित किया जाएगा.