नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को कहा कि जीवन को बचाने के लिए आवश्यक अंगों की आवश्यकता और उपलब्धता के बीच एक बड़ा अंतर है. इसके साथ ही उन्होंने अंग दान को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.

कोविंद ने यहां यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस) के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारत में, हमें एक वर्ष में लगभग दो लाख यकृत प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है, जबकि हर साल केवल कुछ हजार ही हो पाते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अधिक सरकारी अस्पतालों में यकृत प्रत्यारोपण कार्यक्रम स्थापित करने की आवश्यकता है और आईएलबीएस इस संबंध में आवश्यक विशेषज्ञता प्रदान कर सकता है.’’ उन्होंने कहा कि इसमें सबसे महत्वपूर्ण अंगदान को प्रोत्साहित करना और इसके बारे में जागरूकता फैलाना है.