नई दिल्लीः आज से संसद का बजट सत्र (Budget Session 2020) शुरू हो रहा है और सरकार के लिए यह सत्र कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण है. बजट सत्र से पहले संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण हुआ. अपने संबोधन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद(Ramnath Kovind) ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाया. अपने भाषण के दौरान उन्होंने सबसे चर्चित मुद्दे नागरिकता कानून को लेकर भी बात कही. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में संशोधित नागरिकता कानून लाकर राष्ट्पिता महात्मा गांधी के सपनों को पूरा किया है. Also Read - केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा- 'एक साल के लिए निलंबित हों हंगामा करने वाले सांसद'

इसके बाद पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट के साथ गूंजता रहा. उन्होंने कहा, ‘विभाजन के बाद बने माहौल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि- “पाकिस्तान के हिंदू और सिख, जो वहां नहीं रहना चाहते, वे भारत आ सकते हैं. उन्हें सामान्य जीवन मुहैया कराना भारत सरकार का कर्तव्य है.’ उन्होंने कहा, ‘मैं पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार की निंदा करते हुए, विश्व समुदाय से इसका संज्ञान लेने और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने का भी आग्रह करता हूं.’ Also Read - कोरोना से बुरी तरह प्रभावित ये सात राज्य, मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे पीएम मोदी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को अनुच्छेद 370 को रद्द करने के सरकार के फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इसने जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के समान विकास का मार्ग प्रशस्त किया है. बजट सत्र से पहले संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा, “संसद द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को समाप्त करना न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि इसने जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के समान विकास का मार्ग प्रशस्त किया है.”

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राष्ट्रपति ने जोर दिया कि जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख का तेजी से विकास, संस्कृति व परंपराओं का संरक्षण, पारदर्शी व ईमानदार प्रशासन और लोकतंत्र का सशक्तिकरण उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक हैं. संसद द्वारा पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 को रद्द करते हुए जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के साथ ही प्रदेश को दो केंद्रीय शासित प्रदेशों जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था.