मेलबर्न: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ऑस्ट्रेलिया की अपनी यात्रा के दौरान बुधवार को कारोबार की तुलना क्रिकेट के खेल से करते हुए स्‍थानीय उद्यमियों को भारतीय पिच पर (बाजार में) उतरने का आमंत्रण दिया. राष्‍ट्रपति ने उद्योगपतियों को इस मामले में अपने देश के क्रिकेट खिलाड़ियों से सीख लेने की सलाह दी. उन्होंने स्थानीय उद्यमियों से कहा कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने भारतीय पिच पर खूब सफलता हासिल की है. ‘‘आइए आप के लिए भी पिच तैयार है.’’ Also Read - श्रेष्ठ विश्व के निर्माण के लिए युवाओं का साथ जरूरी: राष्ट्रपति

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही मौजूदा क्रिकेट सीरीज के बीच राष्ट्रपति कोविंद ने गुरुवार को कहा कि दोनों ही देशों में क्रिकेट को लेकर एक जैसी दीवानगी है. दोनों देशों के बीच मेलबर्न में दूसरे 20-ट्वेंटी मैच की पूर्व संध्या पर सिडनी में कारोबारी समुदाय को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा कि ‘‘भारत और ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट और कई अन्य चीजों को लेकर उत्साह एक जैसा है.’’ Also Read - राष्ट्रपति कोविंद ने कहा-रक्षा क्षेत्र में भारत, स्वीडन की कंपनियों को देता है बड़ा अवसर  

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ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्काट मॉरिसन की मौजूदगी में उन्होंने कहा, ‘‘सिवाय ऐसे मौकों के जब दोनों देशों की टीमें आपस में खेल रही हों, अधिकांश भारतीय क्रिकेट फैन्‍स के लिए ऑस्ट्रेलिया सबसे पसंदीदा टीम है. खासकर एशेज (इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट) सीरीज के समय यह विशेष रूप से देखा गया है.’ कोविंद ने कहा कि दोनों देश लोकतंत्र, बहुलवाद और मानवीय सम्मान के मूल्यों को समान रूप से महत्व देते हैं. राष्ट्रपति ने यह भी रेखांकित किया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों मुक्त और खुले और नियम आधारित भारत-प्रशांत क्षेत्र की शांति और समृद्धि के लिये भी साझा विचार रखते हैं. स्पष्ट रूप से उनका इशारा चीन की ओर था जो क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिये ताकत का उपयोग कर रहा है.

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क्रिकेट के विषय पर लौटते हुए कोविंद ने कहा कि भारत में निवेश पर विचार कर रहे ऑस्ट्रेलियाई व्यापारियों और निवेशकों को भारतीय पिचों पर अपने क्रिकेटरों की सफलता से सीख लेनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा, ‘‘… क्रिकेट जीवन के लिये अनुकरणीय है. मुझे लगता है कि यह व्यापार के लिये भी अनुकरणीय है. ऑस्ट्रेलियाई उद्योगपतियों तथा निवशकों को क्रिकेटरों के तौर-तरीकों से सीखने की जरूरत है.’’

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कोविंद ने कहा, ‘‘भारत में सर्वाधिक सफल ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज वे रहे हैं जिन्होंने धैर्य दिखाया, स्थिति को सावधानीपूर्वक भांपा, लंबे समय तक टिके, भरोसेमंद भागीदारी बनायी और स्पिन के चक्कर में नहीं फंसे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप भारत आइये. पिच तैयार है.’’