भारत बंद के बीच आंध्र प्रदेश में जनता को राहत, पेट्रोल-डीजल के दाम 2 रुपये कम

इससे पहले राजस्थान सरकार ने रविवार को पेट्रोल-डीजल के दाम में 2 रुपये कम किए थे.

Published date india.com Updated: September 10, 2018 6:08 PM IST
भारत बंद के बीच आंध्र प्रदेश में जनता को राहत, पेट्रोल-डीजल के दाम 2 रुपये कम

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर विपक्ष के भारत बंद के बीच आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रदेश की जनता को बड़ी राहत दी है. आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने तेल के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर की कमी का ऐलान किया है. नए दाम कल सुबह से लागू हो जाएंगे. आंदोलन के बीच आंध्र दूसरा राज्य है जिसने दो रुपये दाम घटाए हैं. इससे पहले राजस्थान सरकार ने रविवार को पेट्रोल-डीजल के दाम में 2 रुपये कम किए थे.

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने राज्य विधानसभा में वैट कटौती की घोषणा की. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अभी तक पेट्रोल और डीजल पर चार रुपये प्रति लीटर का वैट लगा रही है. नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर लोगों पर भारी बोझ डाल रही है, पेट्रोल – डीजल को ऐसे समय महंगा किया जा रहा है जबकि सरकार की विभिन्न अन्य शुल्कों और लाभांश से आमदनी बढ़ रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने घाटे वाले बजट के बावजूद कर का बोझ कम करने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि इससे राज्य के खजाने पर 1,120 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.

भारत बंद का देश के अलग अलग हिस्सों में मिला जुला असर नजर आ रहा है. राजनीतिक दलों की ओर से बुलाए गए बंद के दौरान अधिकतर राज्यों में कांग्रेस और गैर बीजेपी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बंद को लेकर धरना प्रदर्शन किया. गैर बीजेपी शासित प्रदेश खासकर कर्नाटक में बंद का व्यापक असर नजर आया. कई मल्टीप्लैक्स और मॉल कामकाज के लिए नहीं खुले. बैंकों के कामकाज पर भी असर पड़ा. बिहार में भी बंद के दौरान तोड़फोड़ के नजारे दिखे. गुजरात, असम, यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में भी बंद का मिला-जुला असर दिखा.

पेट्रोल-डीजल पर भारत बंद

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में 16 विपक्षी दलों के नेताओं ने भारत बंद का ऐलान किया है. इन सभी दलों के मंच पर आकर नरेंद्र मोदी सरकार को घेरा और आगामी लोकसभा चुनाव में एकजुट होकर लड़ने एवं भाजपा को हराने का आह्वान किया. कांग्रेस की ओर से बुलाए गए ‘भारत बंद’ के तहत आयोजित विरोध प्रदर्शन में ज्यादातर विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर आए. कांग्रेस का कहना है कि 16 दलों के नेताओं ने मंच साझा किया, लेकिन पांच-छह अन्य पार्टियां भी अपने स्तर से ‘भारत बंद’ में शामिल हैं.

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राहुल-सोनिया हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल

विरोध प्रदर्शन में यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राकांपा प्रमुख शरद पवार और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए. कैलास मानसरोवर यात्रा से कल रात लौटे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं ने राजघाट से रामलीला मैदान तक मार्च भी किया.

कांग्रेस के मुताबिक ‘भारत बंद’ में उसे समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), द्रमुक, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), जद(एस), आम आदमी पार्टी (आप), तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा), राष्ट्रीय लोक दल (रालोद), झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), नेशनल कान्फ्रेंस, झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (झाविमो-प्र), एआईयूडीएफ, केरल कांग्रेस (एम), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी), आईयूएमएल, स्वाभिमान पक्ष और लोकतांत्रिक जनता दल का समर्थन मिला. वामपंथी दलों ने अपने स्तर से भी ‘भारत बंद’ का आह्वान कर रखा था.

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