रियाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दो दिवसीय साउदी अरब की यात्रा के पहले दिन सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद से मुलाकात के बाद फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव (एफआईआई) की बैठक को संबोधित किया. इस बैठक में पीएम मोदी ने भारत में बढ़ते व्यापार के बढ़ते अवसरों के बारे में वैश्विक लीडर्स को बताया. रियाद (सऊदी अरब) में फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव (एफआईआई) में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस मंच का उद्देश्य न केवल यहां की आर्थिक व्यवस्था पर चर्चा करना है, बल्कि दुनिया के बढ़ते रुझानों को समझना और वैश्विक कल्याण के तरीकों की तलाश करना है.” Also Read - Coronavirus का कहर: सऊदी अरब ने इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल की यात्रा पर लगाई रोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निवेशकों को भारत में निवेश करने का न्योता देते हुए मंगलवार को कहा कि देश 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है. प्रधानमंत्री रियाद में सऊदी अरब में चल रहे वैश्विक वित्तीय सम्मेलन में मंगलावार को एक सत्र को संबोधित कर रहे थे. मोदी ने विश्व भर से जुटे निवेशकों को भारतीय स्टार्टअप में उद्यम पूंजी निवेश के विशाल अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया. स्विट्जरलैंड के विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के तर्ज पर सऊदी अरब में ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव फोरम’ बैनर तले होने वाले इस वार्षिक सम्मेलन को ‘मरुभूमि में दावोस’ कहा जा रहा है.

बता दें कि फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान की पहल है जिसे ‘‘दावोस इन द डेजर्ट’’ कहा जा रहा है. पीएम ने आगे कहा, “सऊदी अरब के साथ हमारे सालों पुराने संबंध हैं. हमारे प्राचीन संबंधों ने हमारी रणनीतिक साझेदारी के लिए एक मजबूत आधार बनाया है.”

पीएम ने भारत के स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र की तारीफ करते हुए कहा, “आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र बन गया है. यहां तक कि भारत के टियर -2 और 3 शहरों में भी स्टार्टअप शुरू हो गए हैं. हमारे स्टार्ट-अप ने वैश्विक स्तर पर निवेश करना शुरू कर दिया है. मैं वैश्विक निवेशकों को हमारे स्टार्ट-अप इकोसिस्टम से लाभ उठाने के लिए आमंत्रित करता हूं.”


फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव में पीएम नरेंद्र मोदी ने स्किल इंडिया पहल के बारे में भी दुनिया को बताया. उन्होंने कहा, “स्किल इंडिया पहल के तहत, आने वाले 3-4 वर्षों में, 400 मिलियन लोगों को विभिन्न कौशल के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा. यह भारत में निवेश करने वाली कंपनियों को सुनिश्चित कुशल जनशक्ति प्रदान करेगा.”

पीएम ने आगे कहा, “2024 तक, हमारा लक्ष्य रिफाइनिंग, पाइपलाइनों, गैस टर्मिनलों में 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करना है. मुझे खुशी है कि सऊदी अरामको ने वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी प्रोजेक्ट में निवेश करने का फैसला किया है – जो एशिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी होगी.”

मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘एशिया में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 700 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत है, भारत में यह क्षेत्र 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर से बढ़ेगा’’ उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का विस्तार मानव संसाधन क्षेत्र में भी किया जाना चाहिये, इन्हें केवल माल-व्यापार तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिये. सब्सिडी का लाभ सीधे लाभार्थियों के खाते में डालने की योजना डीबीटी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये 20 अरब डॉलर की बचत की गई है.