नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल की अपनी ऐतिहासिक तीन दिनी यात्रा पूरी करने के बाद जी20 सम्मेलन में शामिल होने के लिए जर्मनी के हैमबर्ग शहर के लिए रवाना हो गए. पीएम मोदी ने अपनी इजरायल यात्रा में यहां के शीर्ष नेतृत्व के साथ आतंकवाद और आथर्कि सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की.

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, मैं इजरायल की जनता और सरकार की मेहमाननवाजी के लिए उनका शुक्रगुजार हूं. यह सफल यात्रा भारत- इजरायल संबंधों को और अधिक उर्जा प्रदान करेगी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने ट्वीट किया, एक ऐतिहासिक यात्रा समाप्त हुई, जिसमें कई चीजें पहली बार हुईं और भविष्य को लेकर वादे हुए.

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रोटोकॉल छोड़कर प्रधानमंत्री मोदी को विदाई दी. उन्होंने एक और ट्वीट में कहा, यात्रा समाप्त, यात्रा शुरू. आगे अवसरों का सागर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अभूतपूर्व यात्रा पूरी हुई. यहूदी राष्ट्र की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पानी, अनुसंधान और अंतरिक्ष जैसे प्रमुख विषयों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए सात समझौतों पर दस्तखत किये.

ऐतिहासिक यात्रा के साथ भारत और इस्राइल बढ़ती कट्टरता और आतंकवाद से लड़ने के लिए एकसाथ मिलकर बहुत कुछ करने के वादे के साथ संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जा रहे हैं. दोनों ने आतंकी संगठनों के खिलाफ मजबूत कर्रवाई की वकालत की.
इस यात्रा के दौरान मोदी और नेतन्याहू ने इस्राइली-फलस्तीनी शांति प्रक्रिया पर चर्चा की और क्षेत्र में दीर्घकालिक और न्यायोचित शांति की स्थापना पर जोर दिया जो कई सालों से संघर्ष प्रभावित है.

इस साल भारत और इस्राइल के कूटनीतिक संबंधों के 25 साल पूरे हो रहे हैं. मोदी हैमबर्ग में सात-आठ जुलाई को जर्मनी की मेजबानी में आयोजित होने वाले जी-20 शिखर-सम्मेलन में शिरकत करेंगे. इस साल की थीम शेपिंग एन इंटर-कनेक्टिड वर्ल्ड है.