नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि ये योजना भविष्य में मानवता की बड़ी सेवार में साबित होगी. इस योजना की वजह से पूरे देश का ध्यान आज रांची पर है. उन्होंने कहा कि इस योजना का शुभारंभ एक साथ देश के 400 जिले में हो रहा है. इस योजना का लाभ देश के कुल 10.74 करोड़ परिवारों को मिलेगा. Also Read - यूएई के प्रधानमंत्री से मिले विदेश मंत्री एस जयशंकर, कोविड के बाद आर्थिक सहयोग पर हुई चर्चा

अपने चार साल के कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए पीएम ने कहा, आजादी के 70 साल में झारखंड में तीन मेडिकल कॉलेज और 350 विद्यार्थी थे. लेकिन चार साल में इस राज्य में 8 मेडिकल कॉलेज और 1200 छात्र हैं. पीएम ने कहा, लोग इसे मोदी केयर और गरीबों के लिए योजना कह रहे हैं. लेकिन मैं इसे दरिद्र नारायण की सेवा कहता हूं. उन्होंने इस योजना को विश्वव्यापक बताते हुए कहा, यूरोपीय संघ, अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की जनसंख्या मिलाकर भारत को एक साथ इस योजना का लाभ मिलने जा रहा है. Also Read - Corona vaccine in India: कोरोना टीका विकसित करने में शामिल तीन टीमों से बातचीत करेंगे पीएम मोदी

बता दें कि इस योजना के दायरे में गरीब, वंचित ग्रामीण परिवार और शहरी श्रमिकों की पेशेवर श्रेणियां आयेगी. नवीनतम सामाजिक आर्थिक जातीय जनगणना (एसईसीसी) के हिसाब से गांवों में ऐसे 8.03 करोड़ और शहरों में 2.33 परिवार हैं. योजना का लाभ करीब 50 लाख लोगों को मिलेगा.एसईसीसी के डाटाबेस में तंगी के आधार पर पात्रता तय की जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में तंगी की श्रेणियों (डी1,डी2,डी3,डी4,डी5, डी6 और डी7) के आधार पर लाभार्थियों की पहचान की गयी है. शहरी क्षेत्रों में 11 पेशवेर मापदंड पात्रता तय करेंगे.

इसके अलावा जिन राज्यों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना है, उसके लाभार्थी भी इस नयी योजना के अंतर्गत आएंगे. इस योजना के मुख्य शिल्पी नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने कहा, ‘प्रधानमंत्री 23 सितंबर को इस योजना का शुभारंभ करेंगे लेकिन यह प्रभावी तौर पर 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से लागू होगी. मोदी रविवार को सुबह 11.30 बजे झारखंड की राजधानी रांची के प्रभात तारा मैदान में जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ करेंगे. प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ होने वाली इस योजना में झारखंड के कुल 68 लाख परिवारों में से 57 लाख परिवारों को बीमा सुरक्षा मिलेगी जिससे राज्य की आबादी के 85 प्रतिशत हिस्से को लाभ होगा.