नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विश्वनाथ कॉरीडोर की नींव रखी. इस दौरान उन्होंने कहा कि कॉरिडोर के लिए जब घरों को तोड़ा गया तो उसमें से 40 प्राचीन मंदिर निकले. अब इन मंदिरों में पूजा हो सकेगी. देश-दुनिया से आए लोग पूरे परिसर की प्राचीनता को देख पाएंगे. इसके साथ ही कॉरिडोर मंदिर को घाट से जोड़ेगा. अब मां गंगा के साथ सीधे बाबा को जोड़ दिया गया है.

पीएम मोदी ने कहा, मंदिर के आसपास जो धाम बनेगा, उससे लोगों को काफी फायदा होगा. साल 2014 में जो बुलावा आया था वो इन्हीं कामों के लिए था. ये काशी ही नहीं देश के लोगों से जुड़ा हुआ है. उन्होंने प्रदेश की पिछली अखिलेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने सहयोग नहीं दिया नहीं तो आज जो नींव रखी जा रही है, अबतक काम पूरा हो गया होता. अब योगी जी के सहयोग से काम तेजी से हो रहा है.

दशकों बाद मनी ऐसी शिवरात्रि
पीएम ने कहा, विश्वनाथ कॉरीडोर ही वजह है कि इस बार काशी में जैसी शिवरात्रि मनी, वैसी दशकों से नहीं मनी थी. पहले सबको सिर्फ अनपी चिंता थी. लोग मंदिर को कब्जा करके रखे थे. इसके बाद भोले बाबा ने कहा कि आकर कुछ करके दिखाओ. 70 साल से शासन व्यवस्था चुप रही. लेकिन अब श्रद्धालु गंगा स्नान करके सीधे मंदिर पहुंच जाएंगे. इस प्रोजेक्ट की शुरुआत मेरी नसीब में थी.

गांधी भी चाहते थे ऐसा
उन्होंने कहा कि जब ये प्रोजेक्ट शुरू हुआ तो लोगों ने खूब झूठ बोला और अफवाहें फैलाईं. इससे मुश्किलें आईं. लेकिन अफसरों ने शानदार काम किया. उन्होंने कहा कि इस जगह का उद्धार करना महात्मा गांधी भी चाहते थे. लेकिन ये मेरी नसीब में था.