नई दिल्ली: नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की. भारत और कनाडा के प्रधानमंत्री डेलिगेशन लेवल की बातचीत कर रहे हैं. इससे पहले,  7 दिनों के भारत दौरे पर आए ट्रूडो के राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर पीएम मोदी खुद उन्हें लेने आए और गर्मजोशी से मिलकर पूरे परिवार का स्वागत किया. दोनों देशों के बीच कई समझौते होने की उम्मीद है. दौरे के आखिरी दिन कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो को राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया.

इसके बाद ट्रूडो ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. ट्रूडो ने इसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी मुलाकात की. गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूड्रो का स्वागत करते हुए कहा कि वे शुक्रवार को उनसे मुलाकात करने के लिए उत्सुक हैं.

मोदी ने गुरुवार शाम ट्वीट करते हुए कहा, “मैं प्रधानमंत्री जस्टिन टड्रो से कल मुलाकात करने और सभी क्षेत्रों में भारत-कनाडा के संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए उत्सुक हूं.” प्रधानमंत्री ने शनिवार को भारत आ चुके ट्रूड्रो के संबंध में कोई बयान नहीं दिया था, जिस पर सवाल उठने लगे थे.

पीएम मोदी ने कहा, “मैं दोनों देशों के संबंधों के प्रति ट्रूडो की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करता हूं, मुझे उम्मीद है कि ट्रूडो ने अब तक भारत भ्रमण का आनंद लिया होगा और वह मुख्य रूप से ट्रूडो के तीन बच्चों जेवियर, एला ग्रेस और हेड्रिएन से मिलने के लिए उत्सुक हैं. इस दौरान पीएम ने अप्रैल, 2015 में अपने कनाडा दौरे के दौरान ली गई तस्वीर भी डाली. तस्वीर में उनके साथ ट्रूडो और एला ग्रेस हैं.

इससे पहले जस्टिन ट्रूडो के सम्मान में मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में खालिस्तानी आतंकी के मौजूद रहने पर विवाद खड़ा हो गया था. मामला इतना बढ़ा कि इस विवाद पर खुद पीएम ट्रूडो ने सफाई दी. जसपाल अटवाल नाम का खालिस्तानी आतंकी पीएम ट्रूडो के मुंबई के कार्यक्रम में शामिल था. अटवाल ने 1986 में वैंकूवर आईलैंड में पंजाब के कैबिनेट मंत्री मलकियत सिंह सिद्धू पर जानलेवा हमला किया था. इस मामले में उसे दोषी भी ठहराया जा चुका है.

हैरानी की बात ये है कि अटवाल को दिल्ली और मुंबई में होने वाले कार्यक्रमों के लिए न्योता दिया गया था. मुंबई में हुए कार्यक्रम में तो वह शामिल भी हो गया, लेकिन मामला तूल पकड़ने के बाद दिल्ली वाले डिनर कार्यक्रम से उसे अलग कर दिया गया. अपने कार्यक्रम में अटवाल की मौजूदगी पर सफाई देते हुए ट्रूडो ने कहा कि हम अतिवादियों को गंभीरता से लेते हैं. ऐसे शख्स को कार्यक्रम के लिए न्योता ही नहीं मिलना चाहिए था. जैसे ही हमें इस बारे में सूचना मिली, हमने न्योता रद्द कर दिया.