नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में सहायक सचिव के रूप में कार्यरत नवनियुक्त आईएएस अधिकारियों को संबोधित किया और उन्हें नये विचारों, नयी अवधारणाओं और नजरियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया. भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2017 बैच के 169 अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के समक्ष आकांक्षी जिलों को बदलने से लेकर पारदर्शिता तथा तेज सेवाओं सके लिए शासन के स्तर पर समाधान निकालने तक के विषयों पर प्रस्तुतिकरण दिए.

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कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने 30 अगस्त को सहायक सचिवों के तौर पर इन अधिकारियों का कार्यकाल 27 सितंबर से एक अक्टूबर तक बढ़ा दिया. प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को नये विचारों, नयी अवधारणाओं और दृष्टिकोणों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया. इस दौरान कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और सचिव (डीओपीटी) सी चंद्रमौली मौजूद थे.

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पीएम ने कहा, ‘‘अधिकारियों को विभिन्न स्रोतों से फीडबैक लेकर उनका विश्लेषण करना चाहिए और उन्हें शामिल करना चाहिए.’’ प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से निरंतर सीखने और जिज्ञासा विकसित करने को कहा. जन सहभागिता के महत्व पर जोर देते हुए मोदी ने युवा अधिकारियों को सुझाव दिया कि वे सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करें.

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उन्होंने अधिकारियों का सहायक सचिव रहते हुए प्राप्त सर्वश्रेष्ठ अनुभवों को आत्मसात करने का आह्वान किया. प्रधानमंत्री ने अधिकारियों के प्रस्तुतिकरणों को सराहा और उन्हें शुभकामनाएं दीं. मोदी ने कहा, ‘‘आपकी सफलता देश के लिए महत्वपूर्ण है. आपकी सफलता कई लोगों के जीवन बदल सकती है.’’ कैबिनेट सचिव गाबा ने कहा कि इन अधिकारियों को उनके करियर में राज्यों और केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी हैं.