टोक्यो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत-जापान के बीच 13वें वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को जापान पहुंचे. इस सालाना सम्मेलन के दौरान वह अपने जापानी समकक्ष शिंजो आबे के साथ बैठक करेंगे. रविवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान संबंधों की समीक्षा की जाएगी और द्विपक्षीय रिश्तों को और गहरा बनाने पर चर्चा की जाएगी. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, टोक्यो पहुंच गया हूं. मैं आश्वस्त हूं कि यह यात्रा भारत और जापान के मजबूत रिश्ते में नया अध्याय जोड़ेगी.

जापान रवाना होने से पहले शुक्रवार को बयान जारी कर मोदी ने कहा, जापान हमारा मूल्यवान सहयोगी है. हमारा जापान के साथ विशेष सामरिक एवं वैश्विक गठजोड़ है. जापान के साथ हमारे आर्थिक, सामरिक सहयोग में हाल के वर्षो में काफी बदलाव आया है. आज हमारा सहयोग काफी गहरा एवं उद्देश्यपूर्ण है. मोदी ने कहा था कि भारत और जापान के बीच सहयोग भारत की एक्ट ईस्ट नीति और मुक्त, खुली तथा समावेशी हिन्द प्रशांत क्षेत्र के प्रति दोनों देशों की साझी प्रतिबद्धता के मजबूत स्तम्भों पर आधारित है.

पहली यात्रा जापान की ही की थी
प्रधानमंत्री ने कहा था, सितंबर 2014 में मेरी प्रधानमंत्री के रूप में पहली जापान यात्रा के बाद प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ यह 12वीं बैठक होगी. उन्होंने कहा, हमारे बीच यह पूरक भाव ही भारत और जापान को विजयी युग्म बनाता है. जापान आज के समय में भारत के आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण में सबसे विश्वसनीय सहयोगी है. उन्होंने कहा था कि मुम्बई-अहमदाबाद हाई स्पीड कारिडोर और समर्पित फ्रेट कोरिडोर जैसी परियोजनाएं दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय एवं मजबूत आर्थिक सहयोग को प्रदर्शित करते हैं.

जापान कर रहा है सहयोग
उन्होंने कहा कि जापान हमारे देश में ‘मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया जैसी राष्ट्रीय पहल में आगे बढ़कर सहयोग कर रहा है. मोदी ने कहा कि वे नवोन्मेष, प्रौद्योगिकी एवं सर्वश्रेष्ठ पहल में विश्व स्तर पर जापान के नेतृत्व को महत्व देते हैं. इस यात्रा के दौरान उन्हें रोबोटिक्स के क्षेत्र में जापान की उच्च क्षमताओं को देखने का अवसर मिलेगा.