बेंगलुरु: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना (पीएमकेएसवाई) के साथ पंजीकरण नहीं कराने वाले राज्यों की आलोचना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इस तरह की ओछी राजनीति से किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है. प्रधानमंत्री ने तुमकुरू में एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘मैं नए साल में उम्मीद करता हूं कि जो राज्य किसान सम्मान योजना से नहीं जुड़े हैं, इस साल उन्हें जरूर जुड़ जाना चाहिए.’’ इस कार्यक्रम में उन्होंने एक साथ देश के छह करोड़ किसानों के खाते में 12 हजार करोड़ रुपये जमा करवाए. Also Read - 'ऑक्सीजन संकट' को लेकर पीएम मोदी ने की उच्चस्तरीय बैठक, बोले- जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई करें राज्य सरकारें

उन्होंने इस अवसर पर चुनिंदा किसानों को कृषि कर्मण पुरस्कार भी दिए और चयनित किसानों को मछली पालन से जुड़े उपकरण वितरित किए. मोदी ने कहा कि पीएमकेएसवाई लागू करने में राज्य सरकारों की दलगत सोच से गरीब किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है. मोदी ने कहा, ‘‘ऐसी राजनीति से किसान कभी मजबूत नहीं हो पाएंगे. हमारी सरकार ने आपकी (किसानों की) जरूरतें, आवश्यकताएं और आपकी आकांक्षाओं को समझा है और इसके अनुसार इन योजनाओं को लागू करने का प्रयास किया.’’ Also Read - Maharashtra Lockdown Latest Update: शिवसेना ने लॉकडाउन को आखिरी विकल्प के रूप में अपनाने के PM मोदी के सुझाव पर उठाये सवाल, दिया यह बयान...

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कृषि को टुकड़ों में नहीं देखती बल्कि इसे संपूर्णता में देखती है. उन्होंने कहा उनकी सरकार ने सुनिश्चित किया है कि समूची राशि गरीब लाभार्थियों तक पहुंचे. पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘देश में एक वो दौर भी था जब गरीब के लिए एक रुपये भेजा जाता था तो सिर्फ 15 पैसे पहुंचते थे. बाकी के 85 पैसे बिचौलिए मार जाते थे. आज जितने भेजे जा रहे हैं, उतने पूरे के पूरे सीधे गरीब के खाते में पहुंच रहे हैं. Also Read - कोरोना: ममता बनर्जी का हमला, कहा- पीएम मोदी की वजह से बढ़ी इतनी आपदा, पद छोड़ें

उन्होंने कहा कि दशकों से लटकी सैकड़ों सिंचाई परियोजनाएं हों, फसल बीमा से जुड़े नियमों में बदलाव हो, मृदा स्वास्थ्य कार्ड हो या फिर यूरिया की 100 प्रतिशत नीम कोटिंग हमेशा किसानों के हितों को प्राथमिकता दी गयी. प्रधानमंत्री ने कहा कि मत्स्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार काम कर रही है. इसके लिए सरकार तीन स्तरों पर काम कर रही है. पहला गांवों में मछलीपालन को बढावा, मछुआरों को आर्थिक मदद दी जा रही है. नावों का आधुनिकीकरण और मछली के व्यापार और कारोबार से जुड़े आाधुनिक आधारभूत संरचना का निर्माण किया जा रहा है.

(इनपुट भाषा)