नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा और यह धार्मिक प्रताड़ना के पीड़ित शरणार्थियों को स्थाई राहत देगा. सूत्रों ने बताया कि भाजपा संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले छह महीने में सरकार ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जा संबंधी प्रावधानों को समाप्त करने, अर्थव्यवस्था की मजबूती, किसानों सहित विविध क्षेत्रों में ‘ऐतिहासिक कार्य’ किए हैं और पार्टी सांसद इन कार्यों को जनता के बीच ले जाए.

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प्रधानमंत्री ने पार्टी सांसदों से कहा कि वे आगामी बजट के बारे में समाज के विभिन्न वर्गो की राय लें और इसके बारे में वित्त मंत्री को बताएं. सूत्रों के अनुसार, मोदी ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर कुछ राजनीतिक दलों के नेता वैसी ही भाषा का उपयोग कर रहे हैं जैसी भाषा का उपयोग पाकिस्तान करता है और पार्टी सांसदों को इससे जनता को अवगत कराना चाहिए. उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा और यह धार्मिक प्रताड़ना के पीड़ित शरणार्थियों को स्थाई राहत देगा.

गौरतलब है कि लोकसभा ने सोमवार को नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी थी जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन हेतु पात्र बनाने का प्रावधान है. बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संवाददाताओं से कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक राज्यसभा में 12 बजे चर्चा एवं पारित होने के लिए रखा जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आसानी से पारित हो जाएगा. भाजपा संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने कर्नाटक उपचुनाव में भाजपा की जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रदेश की जनता, मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा और प्रदेश नेतृत्व को बधाई भी दी.