नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को आयोजित एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री इन इंडिया (ASSOCHAM) के 100 साल के उद्घाटन सत्र में देश की अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए कहा कि, ‘पिछले 5-6 साल पहले तक देश की अर्थव्यवस्था गिरावट की ओर जा रही थी, लेकिन हमारी सरकार ने न सिर्फ अर्थव्यवस्था को स्थिर बल्कि अनुशासित करने का भी प्रयास किया है.

‘देश की अर्थव्यवस्था में पहले भी ऐसे उतार चढ़ाव आए हैं, लेकिन देश हर बार इन स्थितियों से बाहर निकला है और इस बार और मजबूती से न सिर्फ बाहर निकलेगा बल्कि, आगो बढ़ेगा.’

अपने संबोधन में उन्होने आगे कहा कि, ‘पहले की सरकार के समय GDP ग्रोथ 3.5 फीसदी तक चली गई थी, महंगाई की रफ्तार काफी ज्यादा थी. तब अर्थव्यवस्था को देखने वाले सिर्फ तमाशा देख रहे थे. हमें विरासत में तबाह इकोनॉमी मिली थी. 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की बात अचानक नहीं आई है. बीते 5 साल में देश ने खुद को इतना मजबूत किया है कि ऐसे लक्ष्य ऱखे भी जा सकते हैं और उन्हें प्राप्त भी किया जा सकता है. 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य जब मैंने सार्वजनिक रूप से कहा तो मुझे पता था कि सुगबुगाहट शुरु हो जाएगी, ऐसा भी कहा जाएगा कि भारत ऐसा नहीं कर सकता है, लेकिन आजकल अर्थव्यवस्था को गति देने वाले सभी समूह 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था को लेकर चर्चा तो करते हैं.’

पीएम मोदी ने आगे कहा कि, ‘हमारे देश में सामर्थ्य है, उस सामर्थ्य के भरोसे आगे बढ़ना है तो लक्ष्य, दिशा और मंजिल को जनसामान्य से जोड़ना ही चाहिये और मेरा यही प्रयास है. मने अर्थव्यवस्था के ज्यादातर आयामों को फॉर्मल व्यवस्था में लाने का प्रयास किया है. इसके साथ ही हम अर्थव्यवस्था को आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए Modernize और Speed Up करने की दिशा में भी आगे बढ़े हैं. क्या उद्योग जगत नहीं चाहता था कि देश में टैक्स का जाल कम हो. हर राज्य में अलग अलग दरों की परेशानी से उसे मुक्ति मिले. हम जीएसटी लाए. व्यापार जगत से जो भी फीडबैक मिला, हम जीएसटी में आवश्यक चीजें जोड़ते रहे. उसमें जरूरी परिवर्तन करते रहे.’

उन्होंने आगे कहा कि, ‘आज भारत दुनिया के उन TOP 10 देशों में शामिल है, जिसने इज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में पिछले 3 वर्षों में लगातार सबसे अच्छा सुधार किया है. Companies Act में सैकड़ों ऐसे प्रावधान थे, जिसमें छोटी-छोटी गलतियों के लिए क्रिमिनल एक्शन की बात थी. हमारी सरकार ने इसमें से अनेक प्रावधानों को क्रिमिनल एक्शन से मुक्त कर दिया है. कॉर्पोरेट टैक्स कम करने, उसका प्रोसेस Simplify करने को लेकर भी बरसों से देश में तमाम चर्चाएं होती थी. देश में जितना कॉर्पोरेट टैक्स आज है, 100 साल के इतिहास में इतना कम टैक्स कभी नहीं रहा, ये काम भी हमारी सरकार ने किया है.’

‘अर्थव्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए, उद्योग जगत के लिए किये जा रहे हर फैसले पर सवाल उठाना ही अब कुछ लोगों का राष्ट्रीय कर्तव्य बन गया है. हमारी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की वजह से अब 13 बैंक मुनाफे में वापस आ चुके हैं. 6 बैंक PCA से भी बाहर निकल चुके हैं. हमने बैंकों का एकीकरण भी तेज किया है. बैंक अब अपना देशव्यापी नेटवर्क बढ़ा रहे हैं और अपनी global पहुंच कायम करने की ओर अग्रसर हैं. मैं आज एसोचेम के इस मंच से देश की बैंकिंग से जुड़े लोगों को और कॉरपोरेट जगत के लोगों को ये विश्वास दिलाना चाहता हूं कि अब पुरानी कमजोरियों पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है. इसलिए खुलकर फैसले लें, खुलकर निवेश करें, खुलकर खर्च करें.’


पीएम मोदी ने आगे कहा कि, ‘आज हम ये कह सकते हैं कि देश की बैंकिंग प्रणाली की नींव अब इतनी पारदर्शी हो रही है कि 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को ऊर्जा दे सकते हैं. आज हम दुनिया के टॉप 10 FDI डेस्टीनेशन्स में से एक हैं. पिछले कुछ वर्षों में भारत में FDI आने की गति बढ़ी है. इस सरकार की पहचान ही है कि जो संकल्प लेती है, उस संकल्प के साथ देश को जोड़ती है और उस संकल्प को सिद्धि में बदलने के लिए पूरी शक्ति से कार्य करती है.