इम्फालः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की जमकर आलोचना की. उन्होंने कहा कि 2014 के बाद उनकी सरकार ने 12 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का पता लगाकर उन्हें तेजी से लागू किया. ये परियोजनाएं ‘गड्ढे में पड़ी’ थीं या ‘फाइलों में दबी’ हुई थीं. मणिपुर की राजधानी इम्फाल में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान सौ करोड़ रुपये की परियोजनाओं की लागत पूरी होते-होते बढ़कर 200 से 250 करोड़ रुपये की हो जाती थी और राष्ट्रीय धन की बर्बादी से वह बेचैन हो जाते थे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में ‘प्रगति’ नाम से एक व्यवस्था बनाई जिसमें लंबित परियोजनाओं पर केंद्र और राज्य के अधिकारियों के साथ चर्चाएं हुईं, बाधाओं को दूर किया गया और तय समय सीमा के अंदर इन्हें तेजी से पूरा किया गया. उन्होंने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने 12 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का पता लगाया और उन्हें तेजी से पूरा किया जो ‘गड्ढे में पड़ी’ हुई थीं या ‘फाइलों में दबी’ हुई थीं.

प्रधानमंत्री ने राज्य में आठ महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और चार परियोजनाओं की आधारशिला रखी. मोदी ने दावा किया, ‘पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान अटके-लटके-भटके कार्य संस्कृति से देश को बड़ा नुकसान हुआ.’ उन्होंने दावा किया कि पहले के चुनाव ‘आधारशिला रखे जाने’ और कहीं ‘रिबन काटकर’ या कहीं और पारितोषिक देकर जीते जाते थे. उन्होंने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद वह इसे लेकर ‘बेचैनी’ महसूस करने लगे और इस कार्य संस्कृति को बदलने का प्रयास किया.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मणिपुर में बोस के नेतृत्व में इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) ने स्वतंत्र भारत की पहली प्रांतीय सरकार का गठन किया था जो अब नये भारत को राह दिखाएगा. मोदी ने आरोप लगाए कि पिछले 30-40 वर्षों से सरकारों ने मणिपुर को विकास के लाभ से वंचित रखा था.

उन्होंने कहा, ‘मैं यहां आकर खुश हूं जहां विविधता में एकता का वास है.’ मणिपुर में मार्च 2017 से भाजपा की सरकार है. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में सरकार ने पिछले चार वर्षों में 2500 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए जिसमें अकेले मणिपुर में 300 किलोमीटर राजमार्ग बनाए गए.

(इनपुट-भाषा)