PM Narendra Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) कार्यक्रम के जरिये देश को संबोधित किया. मन की बात कार्यक्रम के 69वें संस्करण में पीएम मोदी ने कहा कि आज जब दो गज की दूरी एक अनिवार्य जरूरत बन गई है, तो इसी संकट काल ने परिवार के सदस्यों को आपस में जोड़ने और करीब लाने का काम भी काम किया है. हर परिवार में कोई-न-कोई बुजुर्ग, परिवार के बड़े व्यक्ति कहानियां सुनाया करते थे और घर में नई प्रेरणा, नई ऊर्जा भर देते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कहानियां लोगों के रचनात्मक और संवेदनशील पक्ष को सामने लाती हैं, उसे प्रकट करती हैं.Also Read - गणतंत्र दिवस परेड से बंगाल की झांकी हटाई गई, केंद्र के फैसले से ‘स्तब्ध’ ममता बनर्जी ने PM मोदी को लिखा पत्र

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पीएम मोदी ने कहा कि परिवार में हर सप्ताह कहानी के लिए समय निकाले और एक विषय तय करें. परिवार के सभी सदस्य उसी विषय पर कहानी ढूंढ़ें और कहानी कहें. इससे हर किसी को आनंद आएगा. उन्होंने कहा कि मैं कथा सुनाने वाले सबसे आग्रह करूंगा क्योंकि हम आज़ादी के 75 वर्ष मनाने जा रहें हैं. क्या हम हमारी कथाओं में पूरे गुलामी के कालखंड की जितनी प्रेरक घटनाएं हैं, उनको, कथाओं में प्रचारित कर सकते हैं?
पीएम ने कहा कि ‘मुझे विश्वास है कि आप लोग ज़रूर इस काम को करेंगे. कहानी कहने की ये कला देश में और अधिक मजबूत बनें, और अधिक प्रचारित हो और सहज बने, इसलिए, आओ हम सब प्रयास करें.’ पीएम मोदी ने इस दौरान किसानों का भी जिक्र किया और कहा कि कोरोना के इस कठिन समय में भी हमारे देश के कृषि क्षेत्र ने अपना दमखम दिखाया है.
उन्होंने कहा कि, ‘मेरे प्यारे देशवासियो, हमारे यहां कहा जाता है, जो ज़मीन से जितना जुड़ा होता है, वो बड़े-से-बड़े तूफानों में भी उतना ही अडिग रहता है. कोरोना के इस कठिन समय में हमारा कृषि क्षेत्र, हमारा किसान इसका जीवंत उदाहरण हैं.’ पीएम ने कहा कि ‘संकट के इस काल में भी हमारे देश के कृषि क्षेत्र ने फिर अपना दमख़म दिखाया है. साथियों, देश का कृषि क्षेत्र, हमारे किसान, हमारे गांव, आत्मनिर्भर भारत का आधार है. ये मजबूत होंगे तो आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होगी.’
पीएम ने कार्यक्रम के दौरान सर्जिकल स्ट्राइक और जवानों के शौर्य का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि चार साल पहले लगभग यही समय था, जब, Surgical Strike के दौरान दुनिया ने हमारे जवानों के साहस, शौर्य और निर्भीकता को देखा था. हमारे बहादुर सैनिकों का एक ही मकसद और एक ही लक्ष्य था, हर कीमत पर, भारत मां के गौरव और सम्मान की रक्षा करना.’ उन्होंने कार्यक्रम का अंत ‘दो गज की दूरी मास्क है जरूरी’ और ‘जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं’ से की.

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इससे पहले पीएम मोदी ने 30 अगस्त को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया था. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पिछले मन की बात कार्यक्रम के दौरान ‘वोकल फॉर लोकल’ के साथ-साथ कोरोना से जंग की सीख दी थी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि कोरोना तभी हारेगा जब आप सुरक्षित रहेंगे, ‘दो गज की दूरी मास्क जरूरी’ का पालन करना है जरूरी.

इसके अलावा पीएम ने लोकल खिलौने की भी बात की थी. पीएम ने कहा था कि अब सभी के लिये Local खिलौनों के लिये Vocal होने का समय है. आइए, हम अपने युवाओं के लिये कुछ नए प्रकार के, अच्छी Quality वाले, खिलौने बनाते हैं. खिलौना वो हो जिसकी मौजूदगी में बचपन खिले भी, खिलखिलाए भी. हम ऐसे खिलौने बनाएं, जो पर्यावरण के भी अनुकूल हों.

Live Updates

  • 11:36 AM IST

    पीएम ने कहा कि चार साल पहले लगभग यही समय था, जब, Surgical Strike के दौरान दुनिया ने हमारे जवानों के साहस, शौर्य और निर्भीकता को देखा था. हमारे बहादुर सैनिकों का एक ही मकसद और एक ही लक्ष्य था, हर कीमत पर, भारत मां के गौरव और सम्मान की रक्षा करना.’

  • 11:31 AM IST
    पीएम मोदी ने कहा कि तीन-चार साल पहले ही महाराष्ट्र में फल और सब्जियों को APMC के दायरे से बाहर किया गया था. इस बदलाव ने कैसे महाराष्ट्र के फल और सब्जी उगाने वाले किसानों की स्थिति बदली, इसका उदाहरण हैं, Sri Swami Samarth Farmer’s producer company limited – ये किसानों का समूह है.
  • 11:29 AM IST

    मन की बात में पीएम मोदी ने शहीद वीर भगत सिंह का भी जिक्र किया.

  • 11:29 AM IST
    पीएम ने कहा कि “संकट के इस काल में भी हमारे देश के कृषि क्षेत्र ने फिर अपना दमखम दिखाया है. साथियों, देश का कृषि क्षेत्र, हमारे किसान, हमारे गांव, आत्मनिर्भर भारत का आधार है. ये मजबूत होंगे तो आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होगी.” उन्होंने कहा कि बीते कुछ समय में इन क्षेत्रों ने खुद को अनेक बंदिशों से आजाद किया है, अनेक मिथकों को तोड़ने का प्रयास किया है.”
  • 11:24 AM IST

    पीएम मोदी ने कहा कि, “मेरे प्यारे देशवासियो, हमारे यहां कहा जाता है, जो ज़मीन से जितना जुड़ा होता है, वो बड़े-से-बड़े तूफानों में भी उतना ही अडिग रहता है. कोरोना के इस कठिन समय में हमारा कृषि क्षेत्र, हमारा किसान इसका जीवंत उदाहरण हैं.”

  • 11:21 AM IST
    पीएम ने कहा कि कोरोना के इस कठिन समय में भी हमारे देश के कृषि क्षेत्र ने अपना दमखम दिखाया है.
  • 11:19 AM IST

    पीएम ने कहा कि “मुझे विश्वास है कि आप लोग ज़रूर इस काम को करेंगे. कहानी कहने की ये कला देश में और अधिक मजबूत बनें, और अधिक प्रचारित हो और सहज बने, इसलिए, आओ हम सब प्रयास करें.”

  • 11:18 AM IST

    पीएम मोदी ने कहा कि मैं, कथा सुनाने वाले, सबसे, आग्रह करूंगा. हम आज़ादी के 75 वर्ष मनाने जा रहें हैं. क्या हम हमारी कथाओं में पूरे गुलामी के कालखंड की जितनी प्रेरक घटनाएं हैं, उनको, कथाओं में प्रचारित कर सकते हैं!
  • 11:17 AM IST
    पीएम मोदी ने कहा कि हम कहानी में आजादी की प्रेरक घटनाओं का जिक्र भी करें, जिससे नई पीढ़ी के लोग उससे अवगत हो सके.
  • 11:16 AM IST
    पीएम मोदी ने कहा कि परिवार में हर सप्ताह कहानी के लिए समय निकाले और एक विषय तय करें. परिवार के सभी सदस्य उसी विषय पर कहानी ढूंढ़ेंगे और कहानी कहेंगे. इससे हर किसी को आनंद आएगा.