बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर असमय जारी चर्चा के बीच केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने यहां शनिवार को कहा कि नीतीश कुमार अपने मुंह मियां मिठ्ठू बन रहे हैं, अगले 15 साल तक प्रधानमंत्री का पद खाली नहीं है। पटना स्थित लोजपा के प्रदेश कार्यालय में संवाददाता से मुखातिब पासवान ने कहा कि नीतीश अपनी सरकार की विफलता छिपाने के लिए शराबबंदी को लेकर राष्ट्रीय अभियान चलाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में दिखावे के लिए शराबबंदी को लेकर छापेमारी की जा रही है। Also Read - गिरिराज ने कहा- 'अधिकारियों को बांस से मारिए'; सीएम नीतीश बोले- ये ठीक बात नहीं है

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केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने दावा किया कि अभी भी बिहार में जहरीली शराब बन रही है ओर लोग उसे पीने के बाद मर रहे हैं। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि जहरीली शराब कहां-कहां बन रही है और हाल-फिलहाल कितने लोग इससे मरे हैं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार के नीतीश की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी का समर्थन किए जाने के संबंध में पूछे जाने पर पासवान ने कहा कि पवार ने संजीदगी में नहीं, बल्कि हल्के रूप में लेते हुए यह बात कही है।

लोजपा के अध्यक्ष ने कहा, “अगले 15 साल तक प्रधानमंत्री पद के लिए स्थान खाली नहीं है, क्योंकि अगले 15 साल तक नरेंद्र मोदी इस पद पर बने रहेंगे और उनके सामने कोई भी चेहरा नहीं टिक सकता।”

उन्होंने सवालिया लहजे में कह कि पवार की पार्टी के पास छह सांसद, लालू प्रसाद के पास तीन सांसद और जद (यू) के पास दो सांसद हैं, क्या इतने ही सांसदों की मदद से वे (नीतीश कुमार) प्रधानमंत्री बन जाएंगे?

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने जद (यू) अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के दिन स्पष्ट कहा था कि वह प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं, अभी उसका समय भी नहीं है। लोग बेवजह इस तरह की चर्चा कर रहे हैं।

नरेंद्र मोदी सरकार के जिम्मेदार मंत्री पासवान ने एकबार फिर बिहार में ताड़ी पर प्रतिबंध लगाए जाने का विरोध किया। उन्होंने पासी समाज के लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि वे ताड़ी का व्यवसाय जिस तरह करते थे, उसी तरह करते रहें। यानी प्रतिबंध को न मानें, नशे का कारोबार बंद न करें।

उन्होंने आग लगने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर बिहार सरकार द्वारा दी गई हिदायत का विरोध करते हुए कहा कि इस तुगलकी फरमान से सबसे ज्यादा परेशानी गरीबों को हो रही है। सरकार आग को रोकने की बजाय लोगों के खाना बनाने पर रोक लगा रही है।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार खाना न बनाने संबंधी फरमान को जारी करने की बजाय अग्निशमन व्यवस्था को दुरुस्त करती तो ज्यादा बेहतर होता।

उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार ने लोगों को हिदायत दी है कि सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक चूल्हे न जलाए जाएं, क्योंकि गर्मी की तपिश और हवा के झोंकों के कारण चिंगारियां उड़ती हैं, जिससे राज्य में कई भीषण अग्निकांड हो चुकी हैं।