नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से फलस्तीन, यूएई और ओमान की यात्रा पर रवाना हो गए हैं. मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत और इन देशों के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, ऊर्जा समेत द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया जायेगा. Also Read - एस पी बालासुब्रमण्यम के निधन पर PM समेत अन्य नेताओं ने जताया शोक कहा- बेमिसाल संगीत से हमेशा यादों में रहेंगे

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि इन तीन देशों की प्रधानमंत्री की यात्रा को जमीन के साथ नौवहन सहयोग, व्यापार, निवेश समेत सरकार के घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंडे को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जाना चाहिए. Also Read - पीएम नरेंद्र मोदी का बयान- पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आशीर्वाद से भारतीयों का जीवन हो रहा बेहतर

पीएम मोदी पहले चरण में फलस्तीन जायेंगे

अपनी तीन दिवसीय यात्रा के प्रथम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फलस्तीन जायेंगे. वे 10 फरवरी को रामल्ला जायेंगे. उनका दिवंगत यासर अराफात म्यूजियम जाने का कार्यक्रम है. इसके बाद प्रधानमंत्री फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास समेत वहां के नेतृत्व के साथ आपसी संबंधों के विभिन्न आयामों पर चर्चा करेंगे.

भारत, इस्राइल के साथ बढ़ते सहयोग के बीच फलस्तीन के साथ संबंधों को संतुलित करने पर पूरा जोर दे रहा है. हाल ही में इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत की छह दिवसीय यात्रा पर आये थे. इससे पहले पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्राइल की यात्रा पर गए थे. लेकिन तब वे फलस्तीन नहीं गए थे.

फलस्तीन के साथ सहयोग के बारे में एक सवाल के जवाब में बाला भास्कर ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में फलस्तीन के मुद्दे पर भारत ने अनेक पहल की हैं. इस दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति ने फलस्तीन का दौरा किया था और फिर विदेश मंत्री वहां गई थी. पिछले वर्ष फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास भारत की यात्रा पर आए थे और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां जा रहे हैं.

विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि भारत ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में मतदान के दौरान फलस्तीन के पक्ष में मतदान किया. फलस्तीन को हमारा सहयोग तीन स्तरों पर है, जिसमें राजनीतिक, राष्ट्र निर्माण के साथ सुरक्षा सहयोग के बारे में है. तत्कालीन राष्ट्रपति की फलस्तीन यात्रा के दौरान 3 करोड़ डालर की परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की पहल हुई थी और इसके साथ ही भारत.. फलस्तीन आईसीटी पार्क स्थापित करने की बात भी हुई थी .

10-12 फरवरी तक यूएई और ओमान की यात्रा

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की फलस्तीन की यह यात्रा दोनों देशों के बीच पहले से चले आ रहे मजबूत रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाना है. विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (खाड़ी क्षेत्र) मृदुल कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री 10 से 12 फरवरी तक यूएई और ओमान की यात्रा करेंगे. वे 10 फरवरी को देर शाम को यूएई पहुंचेंगे.

यूएई में मंदिर की आधारशिला रखेंगे
11 फरवरी को पीएम मोदी यूएई के शहीद सैनिकों के स्मारक जायेंगे. वह एक सामुदायिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे. उनका वहां एक हिन्दू मंदिर की आधारशिला रखने का भी कार्यक्रम है. मोदी की पिछली यात्रा के दौरान ही वहां एक मंदिर स्थापित करने का विषय आया था और वहां के शासक ने इस पर ध्यान देने की बात कही थी, अब इसकी आधारशिला रखी जायेगी.

12 फरवरी को प्रधानमंत्री ओमान के सीईओ के समूह के साथ चर्चा करेंगे. वे शिव मंदिर जायेंगे. प्रधानमंत्री वहां के दो उप प्रधानमंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे. भारत और ओमान के बीच काफी करीबी सामरिक संबंध है. दोनों देशों की सेनाओं के बीच अभ्यास भी हुए हैं.