नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 अक्टूबर यानी आज गुजरात को कई परियोजनाओं की सौगात देंगे. पीएम मोदी आज गुजरात में तीन प्रमुख परियोजनाओं का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन करेंगे. पीएम गुजरात के किसानों के लिए ‘किसान सूर्योदय योजना’ का भी शुभारंभ करेंगे. साथ ही प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर के साथ पीडियाट्रिक हार्ट हॉस्पिटल और टेली-कार्डियोलॉजी के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन का उद्घाटन करेंगे. वह इस अवसर पर गिरनार में एक रोपवे परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे.Also Read - Gujarat: गुजरात के वडोदरा में सड़क किनारे खड़ी बस में खींचकर 16 साल की नाबालिग से रेप

सिंचाई के लिए दिन में बिजली आपूर्ति के लिए, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने हाल ही में किसान सूर्योदय योजना की घोषणा की थी. इस योजना के तहत, किसान सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक बिजली पा सकेंगे. राज्य सरकार ने 2023 तक इस योजना के तहत पारेषण अवसंरचना स्थापित करने के लिए 3500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है.
2020-21 के लिए दाहोद, पाटन, महिसागर, पंचमहल, छोटा उदेपुर, खेड़ा, तापी, वलसाड, आनंद और गिर-सोमनाथ को योजना के तहत शामिल किया गया है. शेष जिलों को 2022-23 तक चरणबद्ध तरीके से कवर किया जाएगा. Also Read - Covid-19 पर महाराष्ट्र, प. बंगाल, दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, यूपी, केरल और गुजरात चिंता बढ़ाने वाले राज्‍य: केंद्र

प्रधानमंत्री यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर के साथ जुड़े पीडियाट्रिक हार्ट हॉस्पिटल का भी उद्घाटन करेंगे और इसके साथ ही अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में टेली-कार्डियोलॉजी के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन की शुरूआत करेंगे. यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी का 470 करोड़ रुपये की लागत से विस्तार किया जा रहा है. Also Read - Sarkari Naukri 2022: गुजरात में 3300 प्राथमिक स्कूल शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

विस्तार परियोजना के पूरा होने के बाद यहां बिस्तरों की संख्या 450 से बढ़कर 1251 हो जाएगी. संस्थान देश का सबसे बड़ा एकल सुपर स्पेशलिटी कार्डियक शिक्षण संस्थान भी बन जाएगा और दुनिया के सबसे बड़े एकल सुपर स्पेशिएलिटी कार्डियक अस्पतालों में से एक होगा.

गिरनार में रोपवे का उद्घाटन होने के साथ ही गुजरात एक बार फिर वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर उभर आएगा. शुरूआत में इसमें आठ लोगों को ले जाने की क्षमता वाले 25-30 कैबिन होंगे. इस रोपवे में 2.3 किलोमीटर की दूरी केवल 7.5 मिनट में कवर की जाएगी. पर्यटक इस रोपवे पर यात्रा करते समय गिरनार पर्वत के आस-पास के प्राकृतिक सौंदर्य के दर्शन कर सकेंगे.