नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को टेलीफोन पर भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और मालदीव के शीर्ष नेताओं को नववर्ष की शुभकामनाएं दी और क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा तथा पड़ोस प्रथम की नीति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामंग्याल वांगचुक, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह से बात की. उन्होंने भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग, श्रीलंका के प्रधानमंत्री महींदा राजपक्षे से भी बात की.

प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने इन देशों के नेताओं के साथ चर्चा में इन्हें अपनी और भारत की जनता की ओर से नववर्ष की शुभकामनाएं दी. मोदी ने पड़ोस प्रथम की नीति के प्रति प्रतिबद्धता तथा क्षेत्र में अपने मित्र और सहयोगी देशों में शांति, सुरक्षा, समृद्धि तथा प्रगति के भारत के साझा दृष्टिकोण पर जोर दिया. भूटान नरेश के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और भूटान के बीच पिछले वर्ष की उन प्रमुख उपलब्धियों का उल्‍लेख किया जिनकी वजह से भारत और भूटान के आपसी रिश्‍तों में और मजबूती आई.

मोदी ने इस अवसर पर भूटान की अपनी पिछली यात्रा के मौक पर वहां के लोगों की ओर से मिले स्‍नेह और आत्‍मीयता को याद किया. उन्‍होंने दोनों देशों के युवाओं के बीच मेल जोल बढ़ाने की आवश्‍यकता पर बल दिया और कहा कि वह भूटान नरेश की आगामी भारत यात्रा को लेकर काफी उत्‍साहित हैं. श्रीलंका के राष्‍ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने प्रधानमंत्री की बधाई का बड़े उत्‍साह और आत्‍मीयता के साथ जवाब दिया और विश्‍वास जताया कि भारत और श्रीलंका 2020 में अपने संबंधों को और मजबूत बनाएंगे. दोनों नेताओं ने इस दिशा में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी व्‍यक्‍त की.

श्रीलंका के प्रधानमंत्री मंहिदा राजपक्षे से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत, श्रीलंका के साथ अपने संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, राजपक्षे ने इसपर सकारात्‍मक प्रतिक्रिया दी और दोनों देशों के बीच संबंधो और विस्‍तार देने की इच्‍छा जताई. प्रधानमंत्री मोदी ने मालदीव के राष्‍ट्रपति और वहां की जनता द्वारा प्रगति के लिए किए जा रहे समस्‍त प्रयासों में सफलता की कामना की. मालदीव के राष्‍ट्रपति सोलिह ने इसका पूरी गर्मजोशी के साथ जवाब दिया और कहा कि मालदीव भारत के साथ अपने संबंधों को और घनिष्‍ठ बनाए जाने के लिए आतुर है और इसके लिए कई नए क्षेत्रों में सहयोग का इच्‍छुक है.