जून से अपॉइंटमेंट मांग रही हूं.., प्रियंका गांधी ने भरी लोकसभा में नितिन गडकरी से मांगा टाइम

यह घटना पक्ष-विपक्ष के बीच सहयोग और सौहार्द की मिसाल बनी. गडकरी की दोस्ताना प्रतिक्रिया ने दिखाया कि संसदीय कार्यवाही में व्यक्तिगत मुद्दों पर सहयोग संभव है.

Published date india.com Published: December 18, 2025 3:11 PM IST
प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी

18वीं लोकसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान एक दिलचस्प घटना घटी. कांग्रेस सांसद और वायनाड से निर्वाचित प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के लिए समय मांगा. 17 दिसंबर 2025 को जब सदन में सड़क परियोजनाओं से जुड़े सवालों पर चर्चा चल रही थी. प्रियंका गांधी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र वायनाड (केरल) में सड़क निर्माण और रखरखाव की समस्याओं को लेकर मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात की मांग की.

जून महीने से आपसे अपॉइंटमेंट मांग रही हूं

प्रश्नकाल के दौरान प्रियंका गांधी ने नितिन गडकरी से कहा, “सर, मैं जून महीने से आपसे अपॉइंटमेंट मांग रही हूं, लेकिन नहीं मिल रहा है. कृपया समय दे दीजिए.” उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में सड़क परियोजनाओं से जुड़े कुछ मुद्दों को उठाते हुए मुलाकात का अनुरोध किया. यह सवाल मुख्य रूप से हिमालयी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और रखरखाव की चुनौतियों से संबंधित था, हालांकि प्रियंका ने इसे अपने क्षेत्र से जोड़कर रखा.

नितिन गडकरी ने हंसते हुए तुरंत जवाब दिया, “अपॉइंटमेंट लेने की जरूरत नहीं है. मेरा दरवाजा हमेशा खुला रहता है. कभी भी आ जाइए. प्रश्नकाल के बाद मेरे ऑफिस में आ जाइए.” गडकरी ने कहा कि सभी सांसदों के लिए उनका ऑफिस खुला है और कोई औपचारिकता जरूरी नहीं. इस पर प्रियंका गांधी ने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर मंत्री का अभिवादन किया, जो सदन में एक सौहार्दपूर्ण पल बन गया.मुलाकात के

प्रश्नकाल समाप्त होने के तुरंत बाद प्रियंका गांधी ने गडकरी से मुलाकात की, जो लगभग 10 मिनट चली. मुलाकात में वायनाड की सड़क परियोजनाओं पर चर्चा हुई.

गडकरी ने प्रियंका को चावल से बनी एक डिश खिलाई और कहा, “राहुल जी का काम किया, आपका नहीं करूंगा तो लोग कहेंगे कि भाई का काम किया और बहन का नहीं.” इस पर दोनों पक्षों के लोग हंस पड़े. गडकरी ने कुछ परियोजनाओं पर सहमति जताई, लेकिन कुछ राज्य सरकार के दायरे में होने की बात कही.

राजनीतिक महत्व

यह घटना पक्ष-विपक्ष के बीच सहयोग और सौहार्द की मिसाल बनी. प्रियंका गांधी, जो नवंबर 2024 में वायनाड से सांसद चुनी गईं, अपनी पहली सत्र में सक्रियता दिखा रही हैं. गडकरी की दोस्ताना प्रतिक्रिया ने दिखाया कि संसदीय कार्यवाही में व्यक्तिगत मुद्दों पर सहयोग संभव है.

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लोकसभा में प्रियंका गांधी और नितिन गडकरी के बीच यह संवाद राजनीतिक तनावों के बीच एक सकारात्मक उदाहरण बना. इससे साफ है कि सांसदों के बीच व्यक्तिगत संपर्क अच्छे होने से विकास कार्यों को बेहतर से भी बेहतर गति मिल सकती है.

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