नई दिल्ली-लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के आधार को मजबूत करने और लोकसभा चुनाव में अच्छे नतीजे की कोशिश में जुटीं पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार से प्रयागराज से नौका के जरिए ‘गंगा-जमुनी तहजीब यात्रा’ की शुरुआत की. इसका समापन अगले दिन (19 मार्च को) पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में होगा. प्रियंका ने सबसे पहले प्रयागराज में बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन किया. इसके बाद वह प्रयागराज के छटनाग घाट पर पहुंची और पूजा अर्चना की.

बता दें कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर प्रियंका के प्रयागराज से वाराणसी नदी मार्ग द्वारा मोटर बोट से सफर करने की अनुमति मांगी थी. प्रियंका अपनी दो दिवसीय यात्रा में करीब 140 किलोमीटर का सफर तय करेंगी. इस दौरान विभिन्न स्थानों पर वह कार्यकर्ताओं और समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों से मुलाकात करेंगी. प्रियंका के लिए 19 मार्च की शाम को वाराणसी के मशहूर अस्सी घाट पर एक स्वागत समारोह भी रखा गया है. वह 20 मार्च को दिल्ली रवाना होने से पहले काशी विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगी.

ये है कार्यक्रम
शुक्ला ने बताया कि इसके बाद नौका से ही वह लाक्षागृह जाएंगी जहां 18 मार्च की रात में वह विश्राम करेंगी. अगले दिन यानी 19 मार्च को वह माढहा नामक स्थान पर स्वागत समारोह में शामिल होंगी. उन्होंने बताया कि प्रियंका सीतामढ़ी और रामपुर होते हुए विंध्याचल मंदिर में दर्शन करेंगी. फिर वह चुनार जाएंगी और शीतला माता मंदिर में दर्शन करेंगी. इसके बाद उनका वाराणसी के अस्सी घाट पहुंचने का कार्यक्रम है जहां उनका स्वागत होगा और इसके साथ ही उनकी इस यात्रा का समापन होगा. प्रियंका 20 मार्च को काशी विश्वनाथ के दर्शन करेंगी और फिर दिल्ली रवाना होंगी.

चिट्ठी लिखी
बता दें कि इससे पहले प्रियंका गांधी ने रविवार को उत्तर प्रदेश की जनता को एक खुला खत लिखा है. इस खत में उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी की सिपाही के रूप में उनकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश की राजनीति को बदलने की है. अपने पत्र में उन्होंने यूपी के लोगों से कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की जिम्मेदारी दी है. उत्तर प्रदेश के चार दिवसीय दौरे पर रविवार को यहां पहुंचीं प्रियंका ने खत में कहा, ‘उत्तर प्रदेश के लोगों से मेरा नाता बहुत पुराना है। आज कांग्रेस पार्टी की सिपाही के रूप में मेरी जिम्मेदारी आपके सबके साथ मिलकर उत्तर प्रदेश की राजनीति को बदलने की है.