नई दिल्ली: प्रवासियों के लिए उपलब्ध कराई गईं बसों को लेकर हुए विवाद के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि यूपी सरकार अब भी अगर पैदल चल रहे प्रवासी मजदूरों के लिए बसों का इस्तेमाल करना चाहती है तो कर सकती है. बसें अभी भी खड़ी हुई हैं. इससे 82 हज़ार लोग घर आसानी से पहुंच सकते हैं. भले ही बीजेपी अपने झंडे बैनर लगाकर बसों को रवाना करे, लेकिन कर दे. हमें इसमें आपत्ति नहीं है. किसी तरह लोगों की मदद होनी चाहिए. ये समय राजनीति का नहीं था. Also Read - उत्तर प्रदेश के प्रवासी कामगारों को राज्य वापस बुलाना चाहते हैं तो हमसे लेनी होगी इजाजत: आदित्यनाथ

प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर लाइव आते हुए कहा कि ये जो लोग सड़कों पर हैं वह भारत की रीढ़ हैं. इन्हें मदद चाहिए, चाहें जो करे. इससे पहले हमें जहां जहां लगा हमने सकारात्मक भाव से सरकार को सुझाव दिए. जहां अच्छा काम किया तो हमने सरकार की तारीफ़ भी की. कुछ समय से हम कह रहे थे कि जो लोग पैदल चल रहे हैं उन्हें बसें मुहैया करा दें. इसी बीच हादसे होने शुरू हुए. इसके बाद भी रोडवेज बसें इतनी नहीं चली. इस पर हमने सोचा कि हम इनके लिए बस मुहैया करा देते हैं, ताकि दिल्ली एनसीआर से जो लोग चल रहे हैं, वो बसों में बैठ कर आराम से घर पहुंच जाएँ. Also Read - ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं सोनू सूद के मीम्स, कोई 'रियल हीरो' कह रहा है तो कोई 'बाहुबली'    

हमने पत्र लिखा- इस पर अगले दिन सीएम योगी ने कहा कि यूपी रोडवेज की 12 हज़ार बसें हैं, इन्हीं का इस्तेमाल होगा. आपकी ज़रूरत नहीं है. तो इस हमने 17 मई को जो 500 बसें गाजियाबाद में खड़ी थीं, उन्हें वापस कर दिया. फिर इसके बाद हमें अगले दिन पत्र मिला कि आप अपनी लिस्ट दीजिये, उसमें बसों की पूरी डिटेल होनी चाहिए. हमने इस पर धन्यवाद दिया और कुछ घंटे बाद लिस्ट दे दी. इसके बाद एक और पत्र मिला कि बसें लखनऊ पहुंचा, इस पर हमने कहा कि बसें गाजियाबाद से लखनऊ तक वापस खाली जाएंगीं. तो सही नहीं रहेगा. Also Read - ग्वालियर में लगे ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुमशुदगी के पोस्टर्स, लिखा- 'गुमशुदा जन सेवक की तलाश...'

प्रियंका गांधी ने कहा कि यूपी सरकार को जो नम्बर गलत मिले हैं, उन्हें हटा देते, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. हमनें 900 बसें राजस्थान के बॉर्डर पर और 300 बसें दिल्ली बॉर्डर पर भिजवाई. अगर ये बसें चलती तो कई हज़ार लोग घर पहुंच जाते, लेकिन हम राजनितिक उलझन में फंस गए. अगर बीजेपी को अपना झंडा बैनर लगा देते लेकिन चलवा देते. हमें फर्क नहीं पड़ता. अब तक 82 हज़ार लोग घरों में पहुंच जाते. अगर यूपी सरकार को इन बसों को इस्तेमाल करना है तो करें. बसें खड़ी हैं. अगर ऐसा नहीं होगा तो हम बसें वापस भेज देंगे, जैसा कि एक बार पहले कर चुके हैं.

प्रियंका गांधी ने कहा कि ये सिर्फ भारत के लोग नहीं हैं. ये भारत की रीढ़ हैं. इन्होंने देश बनाया है. इमारतें बनाई हैं. मुश्किल में इनकी मदद करना कोई एक पार्टी का काम नहीं, सभी दलों का है. जब से लॉकडाउन हुआ. तब से हम लोग लगे हुए हैं. लोगों को खाना दे रहे हैं. हम अब तक करीब 67 लाख लोगों की मदद कर चुके हैं. हमने सेन्ट्रल हेल्प लाइन भी बनाई. प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं प्रवासी भाई बहनों से कहना चाहती हूं कि हम कांग्रेस के लोग. कांग्रेस के कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं. वह जहाँ से भी गुजर रहे हैं, कांग्रेस के लोग उन्हें मिलेंगे. उनकी सेवा के लिए हाजिर हैं.