नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को दो पूर्व मुख्यमंत्रियों महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला पर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) लगाने पर भाजपा नेतृतव वाली सरकार पर हमला करते हुए कहा कि वे अलगाववादियों के खिलाफ खड़े थे और उन्होंने कभी भी हिंसा और विभाजन का समर्थन नहीं किया. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों नेताओं को रिहा कर देना चाहिए और बिना किसी आधार के उन्हें बंदी बनाकर नहीं रखा जाना चाहिए. Also Read - पश्चिम बंगाल चुनाव: शरद पवार और महबूबा मुफ़्ती ने ममता बनर्जी को दी बधाई, कही ये बात

प्रियंका ने कई ट्वीट के माध्यम से कहा, “किस आधार पर महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला पर पीएसए लगाया गया है? उन्होंने भारत के संविधान को बरकरार रखा, लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन किया, अलगाववादियों के खिलाफ खड़े रहे और कभी भी हिंसा और विभाजन का समर्थन नहीं किया.” Also Read - Corona Positive Farooq Abdullah अस्पताल में हुए भर्ती, कुछ दिनों पहले ही लिया था कोरोना का टीका

महासचिव ने आगे कहा, “वे रिहा किए जाने के लायक हैं, न कि बिना किसी आधार के बंदी बनाए जाने के लायक हैं.” जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन द्वारा अब्दुल्ला और मुफ्ती सहित चार राजनेताओं पर पीएसए लगाने के एक दिन बाद कांग्रेस महासचिव का यह बयान आया है. ज्ञात हो कि पांच फरवरी को उनकी नजरबंदी को पांच महीने पूरे हो गए. Also Read - फारूक अब्दुल्ला का COVID-19 टेस्‍ट पॉजिटिव आया, बेटे उमर अब्‍दुल्‍ला ने किया ट्वीट

इनके अलावा तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके और श्रीनगर से सांसद फारुक अब्दुल्ला भी पीएसए के तहत नजरबंद हैं.

(इनपुट आईएएनएस)