नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला जारी रखते हुए शुक्रवार को फिर चुनावी बांड का मुद्दा उठाया. उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बांड बेचने की इजाजत दी थी? प्रियंका ने अपने सिलसिलेवार ट्वीटों में कहा, “चुनावी बांड के जरिए दान के मामले में एक रिपोर्ट से चार खुलासे हुए हैं. कल, भाजपा सरकार के मंत्री ने प्रेस के सामने एक मुड़ा-तुड़ा कागज पढ़ा था! लेकिन इन सवालों के जवाब कहां हैं?”

कांग्रेस की पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, “क्या यह सच है कि आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) और निर्वाचन आयोग ने आपत्ति की थी? रिपोर्ट में लिखा है कि प्रधानमंत्री ने अवैध तरीके से कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बांड बेचने की इजाजत दी थी, क्या यह सच है? और सरकार ने झूठ कहा कि दाता कि पहचान गुप्त रखी गई?”

कांग्रेस दांव चलते हुए यह मुद्दा संसद में उठा रही है. पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की और सवाल उठाया कि भाजपा ने उस व्यक्ति से दान क्यों लिया जिस पर दाऊद इब्राहिम के गुर्गे इकबाल मिर्ची की संपत्ति खरीदने का आरोपी है.

गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने पर बोलीं प्रियंका वाड्रा- यह राजनीति है

एक दिन पहले, कांग्रेस सांसदों ने चुनावी बांड के मुद्दे को बड़ा घोटाला करार देते हुए संसद में गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया था. वे हाथ में तख्तियां लिए हुए थे, जिस पर लिखा था- “6,000 करोड़ रुपये की डकैती.” पार्टी ने यह मुद्दा राज्यसभा में भी उठाया. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे को फिर लोकसभा में उठाएंगे.