नई दिल्लीः कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को पुलिस ने मंगलवार को उस वक्त रोक दिया जब वे संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शन में मारे गए लोगों के परिवारों से मिलने मेरठ जा रहे थे. पुलिस द्वारा रोके जाने के संबंध में राहुल गांधी ने कहा, ‘‘हमें कोई ऑर्डर नहीं दिखाया गया. सिर्फ हमें वापस जाने के लिए कहा गया.’’

राहुल और प्रियंका एक ही वाहन में सवार होकर मेरठ जा रहे थे. उनके साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी भी मौजूद थे. तिवारी ने बताया, ‘‘पहले हमारे नेताओं को मुरादनगर में रोका गया. फिर मेरठ के बाहर रोका गया. प्रशासन ने कहा कि अभी स्थिति ठीक नहीं है और नेताओं के जाने से अशांति पैदा हो सकती है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे नेता तो सिर्फ उन परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करने जा रहे थे जो हाल ही में मारे गए.’’ तिवारी के मुताबिक प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि अगले दो-तीन दिनों में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को मेरठ जाने की अनुमति दी जाएगी. दरअसल, राहुल और प्रियंका को उन लोगों के परिवारों से मुलाकात करनी थी जो हाल ही में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान मारे गए थे. इससे पहले गत रविवार को प्रियंका ने बिजनौर में भी उन दो युवकों के परिवारों से मुलाकात की थी जो प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में मारे गए थे.

प्रियंका ने सोमवार को इन दोनों युवकों को ‘शहीद’ करार दिया था और कहा था कि इनके नाम पर सभी लोग संकल्प लें कि संविधान की रक्षा की जाएगी. कांग्रेस संशोधित नागरिकता कानून को ‘असंवैधानिक’ करार देते हुए इसका खुलकर विरोध कर रही है. पार्टी ने इसी मुद्दे पर सोमवार को यहां राजघाट पर सत्याग्रह किया था.