दिल्ली यूनिवर्सिटी का एक और कैंपस हंगामे की आग में झुलस रहा है। रामजस कॉलेज में छात्रों और पुलिस के बीच संघर्ष जारी है। प्रदर्शनकारियों के पत्थर फेंकने और हाथापाई की घटनाएं भी हुई हैं। यह पूरी घटना दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज की है। मामला मंगलवार को शुरू हुआ जब एक सेमिनार में जेएनयू छात्र उमर खालिद को शामिल होना था। एबीवीपी ने उमर खालिद का विरोध किया और पत्थरबाजी की। इसके बाज आज एबीवीपी के खिलाफ प्रदर्शन हुआ जो धीरे-धीरे आक्रामक होता जा रहा है।

ये है पूरा मामला:
दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज का इंग्लिश डिपार्टमेंट एक सेमिनार आयोजित कर रहा था। इसमें जेएनयू के विवादित छात्र उमर खालिद को आमंत्रित किया गया था क्योंकि वो बस्तर में जारी संघर्ष के रिसर्च स्कॉलर हैं। इस कार्यक्रम की जानकारी एबीवीपी को मिलने पर छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन की बात कही।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रोफेसर विनिता चंद्रा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंकने और हाथापाई करनी शुरू कर दी। इतना ही नहीं उन्होंने सेमिनार कक्ष को बंद किया और बिजली की आपूर्ति काट दी। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर हमें बचाया। उन्होंने कहा कि मैं पिछले 30 वर्षों से कॉलेज में पढ़ा रही हूं, लेकिन मैंने कभी यहां इतनी पुलिस और टीचर्स की मौजूदगी में इतनी खराब स्थिति नहीं देखी।

इस घटना के बाद रामजस कॉलेज ने उमर खालिद और शहला राशिद का आमंत्रण रद्द कर दिया। इसके बावजूद आज सुबह कुछ छात्रों ने एबीवीपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे दोनों गुटों में तनाव की स्थिति पैदा हो गयी। पुलिस फिलहाल बीच-बचाव कर रही है लेकिन प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है।