नई दिल्‍ली: देश में संशोधित मोटर यान कानून के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने के खिलाफ बुधवार को दिल्‍ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निवास के सामने प्रदर्शन किया गया है, वहीं, इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने मोदी सरकार के इस सख्‍त कदम को लेकर अपना रुख साफ कर चुके हैं. बता दें कि एक दिन मंगलवार को जहां, गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी ने नए मोटर व्‍हीकल एक्‍ट के तहत फाइन की राशि कम करने की घोषणा कर चुके हैं. वहीं केरल के परिवहन मंत्री ने अपने विभाग को नए फाइन के प्रावधानों पर रिपोर्ट मांगी है.

दिल्‍ली में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने  केंद्रीय मंत्री गडकरी के निवास के सामने स्‍कूटर लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस को भारी मशक्‍कत करना पड़ी.

बता दें कि मीडिया ने केंद्रीय मंत्री गडकरी से नए प्रावधान के तहत भारी जुर्माने की राशि को लेकर जब सवाल किया तो उन्‍होंने जवाब में कहा कि यह रेवन्‍यू इनकम स्‍कीम नहीं है, क्‍या आप 1,50,000 लोगों की मौतों के बारे में चिंतित नहीं हो? यदि राज्‍य सरकार इसे घटाना चाहती है, तो क्‍या ये सही नहीं कि लोग न तो कानून को मान्‍यता देते हैं और न ही इसका उन्‍हें डर होता है.

राज्य अपना निर्णय करने के लिए स्वतंत्र
मीडियाकर्मियों ने केंद्रीय मंत्री से गुजरात सरकार के जुर्माना कम करने के फैसले पर जब सवाल पूछा तो उन्‍होंने कहा कि
ये नियम समवर्ती सूची में हैं इसलिए इसमें राज्य अपना निर्णय करने के लिए स्वतंत्र हैं. उन्होंने कहा कि जुर्माना बढ़ाने के पीछे राजस्व जुटाना उद्देश्य नहीं है, बल्कि इसका मकसद दुर्घटनाओं को रोकना और जीवन को बचाना है.

वाहनों पर जीएसटी कटौती का मुद्दा, गेंद वित्त मंत्रालय के पाले में
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि वाहनों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कटौती की मांग के मामले में गेंद वित्त मंत्रालय के पाले में है. गडकरी ने कहा कि जीएसटी में कटौती का फैसला वित्त मंत्रालय के साथ साथ राज्य सरकारों और जीएसटी परिषद को करना है. उन्होंने कहा कि वह इस बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से पहले ही बात कर चुके हैं.

वाहन निर्माताओं के संगठन ने जीएसटी में छूट मांगी थी
बता दें कि पिछले सप्ताह वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के वार्षिक सम्मेलन में गडकरी ने वाहन उद्योग को भरोसा दिलाया था कि वह वाहनों पर जीएसटी दर को 28 से घटाकर 18 प्रतिशत करने के मुद्दे को आगे उठाएंगे.

वित्त मंत्री से पहले ही बात कर चुका हूं
गडकरी ने होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया के बीएस- छह मानक वाला स्कूटर पेश किए जाने के मौके पर अलग से बातचीत में कहा, मैं इस बारे में वित्त मंत्री से पहले ही बात कर चुका हूं. लेकिन वित्त मंत्री यदि कोई फैसला करतीं हैं तो उन्हें इसके लिए राज्यों के वित्त मंत्रियों और जीएसटी परिषद के साथ विचार विमर्श करना होगा.

वाहनों के लिए कबाड़ नीति पर काम चल रहा
गडकरी ने बुधवार को यहां कहा कि वाहनों के लिए कबाड़ करने नीति पर काम चल रहा है. इस नीति में दोपहिया वाहन भी शामिल हैं. इस पर काम चल रहा है और नीति को जल्द जारी किया जाएगा.

मंदी के पीछे की बताई ये वजह
वाहन उद्योग में मंदी के मौजूदा दौर को स्वीकार करते हुए मंत्री ने कहा कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. इसमें मांग और आपूर्ति का मुद्दा हो सकता है, वैश्विक आर्थिक सुस्ती और इसके पीछे व्यावसायिक चक्रीय कारण भी हो सकते हैं. गडकरी ने कहा कि देश की सकल आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन के लिए आटोमोबाइल उद्योग की वृद्धि जरूरी है. (इनपुट- एजेंसी)