निलक्कल: केरल में सबरीमाला में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की इजाजत देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना कुछ महिला पत्रकारों को करना पड़ा. बुधवार को उनके वाहनों पर भी हमले किए गए. दो राष्ट्रीय टीवी चैनल की महिला रिपोर्टर समाचार कवरेज के लिए पाम्बा जा रही थीं, उनकी गाड़ी को हिंसक भीड़ ने रास्ते में रोक दिया. भीड़ पत्रकार के वाहनों को निशाना बनाते हुए और नारे लगाते हुए दिख रही थी. वहीं, महिला पत्रकारों पर भीड़ के हमले की निंदा करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. Also Read - Covid-19: गोधरा में पुलिस टीम पर भीड़ ने किया पथराव, पुलिस निरीक्षक घायल

पुरुषों के एक समूह ने महिला पत्रकारों को जबरन गाड़ी से बाहर निकलने को मजबूर किया. यह समूह सबरीमला में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के उच्चतम न्यायालय के फैसले का विरोध कर रहा है. पहाड़ पर स्थित यह प्रसिद्ध मंदिर भगवान अय्यप्पा का है. पुलिस ने बीचबचाव करके पत्रकारों को सुरक्षित बाहर निकाला.

वहीं, एक अन्य घटना में अय्यप्पा मंदिर में प्रवेश के लिए एक स्थान से सरकारी बस में सवार हुई अंग्रेजी भाषा की ऑनलाइन मीडिया संगठन की महिला पत्रकार को बस से उतरने को कहा गया. मंदिर में प्रवेश के लिए यह स्थान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पहली बार बुधवार को खोला गया.

निलक्कल में एक तरह से भीड़ ने कब्जा कर लिया था और सरकारी केएसआरटीसी की बस सहित पाम्बा जा रहे अन्य वाहनों पर पत्थर भी फेंके. पुलिस के वाहनों पर भी पत्थर फेंके गए. यहां तैनात पुलिस कर्मियों के मुकाबले प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ती गई.

महिला आयोग ने केरल पुलिस से रिपोर्ट मांगी
सबरीमाला मंदिर के निकट कुछ महिला पत्रकारों पर भीड़ के हमले की निंदा करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बहेरा को लिखे पत्र में यह भी कहा है कि मंदिर में जाने वाली महिला श्रद्धालुओं और महिला पत्रकारों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाए.

पुलिस महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराए
आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, ”पुलिस का कर्तव्य है कि वह महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराए. ऐसे में यह निर्देश दिया जाता है कि केरल पुलिस सबरीमला मंदिर जाने वाली सभी महिला श्रद्धालुओं और महिला मीडियाकर्मियों को सुरक्षा प्रदान करे.”

हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए
महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा, मामले की गंभीरता को देखते हुए हम पुलिस से यह भी कहना चाहते हैं कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट आयोग के पास जल्द से जल्द ईमेल के माध्यम से भेजी जाए.