मध्य प्रदेश| मंदसौर में मंगलवार को किसान आंदोलन में 6 लोगों की मौत के बाद तनाव बढ़ गया है. बुधवार सुबह बरखेड़ापंत गांव में किसानों ने फायरिंग में मारे गए युवक के शव से साथ रास्ता जाम कर दिया. इस मामले में मंदसौर डीएम स्वतंत्र सिंह परिजनों से मिलने और गुस्साई भीड़ को समझाने पहुंचे थे जहां भीड़ ने उनके कपड़े फाड़ दिए और उनकी पिटाई भी कर दी.Also Read - Kejriwal Chaat Wala: क्या आपने 'अरविंद केजरीवाल चाट वाले' की चाट का लुत्फ लिया?

किसानों के गुस्से को देखते हुए अधिकारी वहां से भाग खड़े हुए. इस बीच गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मंदसौर जाने की खबर है. हालांकि खबरों के मुताबिक प्रशासन ने राहुल को मंदसौर जाने की इजाजत नहीं दी है. Also Read - मुख्यमंत्री केजरीवाल ने की किसानों के नुकसान पर मुआवजे की घोषणा, जानें प्रति हेक्टेयर कितने रुपये मिलेंगे

किसान अपनी मांग को लेकर 1 जून से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन मंगलवार को आंदोलन के हिंसक होने के बाद पुलिस की फायरिंग में 6 लोगों की मौत हो गई थी. जबकि डीएम ने बताया कि पुलिस को आंदोलन कर रहे किसानों पर किसी भी स्थिति में गोली नहीं चलाने के आदेश दिए गए थे. डीएम ने इस घटना में पांच लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि इसकी न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए गए हैं. Also Read - जिम में पति के साथ गर्लफ्रेंड को देखकर भड़की पत्‍नी ने जूते-चप्‍पल से की जमकर पिटाई, वीडियो हुआ वायरल

इसके अलावा किसानों ने रिपोर्टिंग करने गए एबीपी न्यूज के रिपोर्टर ब्रजेश राजपूत को भी दौड़ा दौड़ा कर पीटा.

आंदोलन का कारण/ किसानों की मांगें

आलू, प्याज सहित अन्य सभी फसलों का समर्थन मूल्य घोषित हो. आलू और प्याज का समर्थन मूल्य 1,500 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग. किसानों का कर्जा माफ हो. भारत सरकार के भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को बरकरार रखा जाए.

एमपी में दूध का भाव तय करने का अधिकार किसानों को मिले. दूध का भाव 52 रुपये/लीटर हो. खाद, बीज और कीटनाशकों की कीमतें नियंत्रित हों.

स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू कराने की मांग. सभी कृषि मंडियों में केंद्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से नीचे फसलों की बिक्री न हो. एक जून से जारी किसानों के आंदोलन के दौरान गिरफ्तार सभी किसानों को बिना शर्त रिहा करने की मांग.